चंडीगढ़, 30 जून। हरियाणा सरकार अब प्रदेश वासियों को सस्ती दरों पर एसी मुहैया करवाएगी। इसके लिए सरकार ने तीन कंपनियों के साथ एमओयू किया है। प्रदेश वासियों को पुराने एसी बदलने का भी विकल्प दिया जाएगा।
हरियाणा बिजली मंत्री रणजीत सिंह ने बुधवार को चंडीगढ़ में ‘डिमांड साइड मैनेजमैंट-एसी योजना’ का शुभारंभ किया। इसके तहत प्रदेशभर में लोगों को 1.05 लाख ए.सी.न्यूनतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) के 59 प्रतिशत तक छूट पर उपलब्ध करवाएं जाएंगे, जिसके लिए इच्छुक लोगों को 24 अगस्त 2021 तक आवेदन करना होगा।
बिजली मंत्री ने कहा कि बिजली विभाग ने डैकन, ब्लू स्टार तथा वोल्टाज सहित तीन नामी कंपनियों के साथ समझौता किया है, जोकि लोगों की मांग पर 1.5 टन क्षमता का बिजली खर्च की बचत करने वाला स्प्लिट एसी कम मूल्य पर उपलब्ध करवाएं जाएंगे। इसके तहत घरेलू उपभोक्ता अपने पुराने ए.सी. को भी बदलवा सकेंगे। इस प्रकार जहां उक्त कम्पनियां नए ए.सी. खरीदने और पुराने ए.सी बदलवाने पर उपभोक्ताओं को एमआरपी पर छूट देगी वहीं हरियाणा सरकार द्वारा भी इन पर सब्सिडी दी जाएगी। इस योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक व्यक्ति बिजली विभाग के वेबपोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
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रणजीत सिंह ने बताया कि इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को शहरी क्षेत्रों के उपभोक्ताओं से अधिक सब्सिडी देने का प्रावधान किया है। इसके तहत शहरी क्षेत्रों में नया ए.सी खरीदने पर दो हजार तथा पुराना ए.सी बदलवाने पर चार हजार रुपए की सब्सिडी दी जाएगी। इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्रों में नया ए.सी खरीदने पर चार हजार तथा पुराना ए.सी बदलवाने पर आठ हजार रुपए की सब्सिडी दी जाएगी। इस अलावा उपभोक्ताओं को नए ए.सी से बिजली के बिल में भी बचत होगी। इन ऊर्जा बचत करने वाले नए ए.सी लगाने से थ्री स्टार क्षमता तक के पुराने ए.सी की तुलना में 657 बिजली की यूनिट तथा करीब 5 हजार रुपए तक वार्षिक बचत होगी। इनके साथ ही कम्प्रैसर की 10 वर्ष तक तथा अन्य सभी उपकरणों पर एक वर्ष तक की वारंटी मिलेगी।
विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पी के दास ने कहा कि इस योजना के तहत उक्त एसी इकाइयों के उपयोग से राज्य में 68 एमयू ऊर्जा की बचत होगी तथा बिजली की मांग में 75.6 मेगावाट की कमी आएगी। उन्होंने कहा कि इससे पहले 2016 में एक योजना के तहत बिजली विभाग ने राज्य में 1.56 करोड़ एलईडी बल्ब व 2.30 लाख टयूब लगवाई हैं। उससे भी राज्य को 232.42 मेगावाट बिजली की बचत हुई है, जो अपने आप में ऐतिहासिक व बदलाव का सूचक है।
बिजली वितरण निगमों के प्रबंध निदेशक शशांक आनंद ने कहा कि हरियाणा बिजली निगमों के अथाह प्रयासों से पिछले पांच वर्षो मे एटी एंड सी लॉसिज 29.83 प्रतिशत से घटाकर 14.55 प्रतिशत हो गया है। इस अवसर पर एचवीपीएन के प्रबंध निदेशक टी.एल. सत्यप्रकाश,ब्लू स्टार कम्पनी से विवेक खरे, डैकन कंपनी से पंकज गुलिया व संदीप रेखी, वोल्टास कम्पनी से केतन नागपाल व हरिश दसुजा सहित अनेक अधिकारियों ने वर्चुअल भाग लिया।