चंडीगढ़, 29 जून । हरियाणा में चार जगहों पर पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के आधार पर फ्लाइंग स्कूल चलाने की संभावनाओं का पता लगाया जा रहा है, दो स्थानों के लिए तो टेंडर भी अलॉट कर दिए गए हैं। हिसार में अंतरराष्ट्रीय विमानन केंद्र की स्थापना के अलावा हरियाणा प्रदेश में मौजूदा हवाई पट्टियों का सुधारीकरण किया जाएगा।
यह निर्णय हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, जिनके पास नागरिक उड्डयन विभाग का प्रभार भी हैं, की अध्यक्षता में गुरुग्राम में आयोजित नागरिक उड्डयन विभाग के अधिकारियों की बैठक में लिया गया। बैठक में डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने नागरिक उड्डयन विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि महेंद्रगढ़ व भिवानी में पीपीपी आधार पर फ्लाइंग स्कूल चलाने के लिए टेंडर हो चुके हैं, अब करनाल तथा पिंजौर में यह स्कूल चलाने के लिए संभावनाओं का पता लगाएं।
उन्होंने महेंद्रगढ़ जिला के नारनौल के पास बाछौद और भिवानी की हवाई पट्टियों के सुधारीकरण पर विस्तार से चर्चा की। इन हवाई पट्टियों के रनवे पर लाइटें लगवाई जाएंगी तथा हवाई पट्टी के साथ-साथ टैक्सी ट्रैक बनाया जाएगा। यही नहीं, टर्मिनल बिल्डिंग एवं नेविगेशन में उपयोगी यंत्र (वीओआर/डीएमई) भी लगाए जाएंगे। नारनौल में एक और अतिरिक्त हैंगर भी स्थापित करने पर सहमति बनी।
इसी प्रकार, भिवानी हवाई पट्टी के रनवे का विस्तार करके उस पर लाइट लगवाने का निर्णय लिया गया। भिवानी हवाई पट्टी के साथ-साथ पैरलेल टैक्सी ट्रैक बनाकर हवाई पट्टी का सुधार किया जाएगा। वहां पर पहले से बनी बिल्डिंग के स्पेशल रिपेयर को भी मंजूरी दी गई।
बैठक में गुरुग्राम में द्वारका एक्सप्रेस-वे के साथ में प्रस्तावित ग्लोबल सिटी में हेलीपोर्ट और एयरो म्यूजियम विकसित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। दुष्यंत चौटाला ने इनकी संभावनाओं का पता लगाने के निर्देश देते हुए कहा कि एयरो म्यूजियम देश में कहीं नहीं है और यदि गुरुग्राम में बनाया जाता है तो यह अपनी तरह का अनूठा प्रयास होगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि हेलीपोर्ट यहां बनता है तो उससे गुरुग्राम व आसपास के क्षेत्र में औद्योगीकरण और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। डिप्टी सीएम ने कहा कि हेलीपोर्ट और एयरो म्यूजियम भी पीपीपी आधार पर बनवाने का प्रयास रहेगा।