चंडीगढ़, 25 जून । कोरोना महामारी के चलते न पढ़ाई हुई और न ही परीक्षाओं का आयोजन किया गया। बावजूद इसके 12वीं कक्षा का वार्षिक परिणाम जारी करना हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के लिए बड़ी चुनौती थी, पर शिक्षा बोर्ड ने बिना परीक्षा परीणाम जारी करने का फॉर्मूला तय कर लिया है।
लाखों बच्चों का परीक्षा परिणाम जुलाई माह के अंतिम सप्ताह में जारी करने की तैयारी शुरू कर दी है।हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के सचिव राजीव प्रसाद ने बताया कि इस बार 12वीं कक्षा की रेगुलर वार्षिक परीक्षा दो लाख 27 हजार 585 बच्चों ने तथा ऑपन की परीक्षा नौ हजार 452 बच्चों ने देनी थी, पर कोरोना महामारी के चलते शिक्षा बोर्ड की तैयारी के बाद भी ये परीक्षा नहीं ली जा सकी।
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शिक्षा बोर्ड सचिव राजीव प्रसाद ने बताया कि हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने बिना परीक्षा के परिणाम जारी करने का फॉर्मूला तय किया था, जिसे सरकार व सुप्रीम कोर्ट दोनों ने मान लिया है। सचिव राजीव प्रसाद ने बताया कि 12वीं कक्षा का वार्षिक परिणाम तैयार किया जा रहा है, जिसमें बच्चों को 10वीं व 11वीं कक्षा के अंक के साथ 12वीं कक्षा की प्रैक्टिकल के अंकों को आधार माना जाएगा।
उन्होंने बताया कि 12वीं कक्षा के परिणाम में एक बच्चो को 10वीं कक्षा में कुल प्राप्त अंकों के 30 फीसदी, 11वीं कक्षा के कुल अंकों का 10 फीसदी व 12वीं कक्षा की प्रैक्टिकल के कुल अंकों के 60 फीसदी अंक देकर रिज़ल्ट जारी किया जाएगा। हरियाणा बोर्ड की 14 सदस्यीय कमेटी ने बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखकर यह फॉर्मूला तैयार किया है। उन्होंने कहा कि इस फ़ॉर्मूले के तहत जुलाई माह के अंतिम सप्ताह में 12वीं कक्षा का वार्षिक परीक्षा परीणाम जारी किया जाएगा।