चंडीगढ़, 25 जून। हरियाणा के पुलिस महानिदेशक मनोज यादव ने समाज से नशे जैसी बुराई को मिटाने के लिए एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि हरियाणा पुलिस राज्य में नशा तस्करी का सफाया करने के लिए ’सक्रिय’ दृष्टिकोण के साथ कार्य कर रही है।
अंतरराष्ट्रीय नशा विरोधी दिवस पर जारी जानकारी में डीजीपी ने बताया कि पड़ोसी राज्यों से बेहतर समन्वय बनाते हुए पुलिस ने खुफिया जानकारी के वास्तविक अदान-प्रदान से मादक पदार्थों की तस्करी पर काफी हद तक अंकुश लगाया है। साल 2020 में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) सहित फील्ड इकाइयां लगभग सभी प्रकार के नशीले पदार्थों की संभावित आपूर्ति को विफल करते हुए 22.5 टन ड्रग्स को जब्त करने में कामयाब रहीं।
जिसमें 225 किलोग्राम अफीम, 250 किलोग्राम चरस/सुल्फा, 12828 किलोग्राम चूरापोस्त, 8 किलो से अधिक स्मैक, 9223 किलो गांजा व 33 किलो 198 ग्राम हेरोइन शामिल हैं। इस अवधि के दौरान 3000 से अधिक ड्रग पेडलर्स और अन्य संलिप्त आरोपी भी काबू किए गए।
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वर्ष 2021 में नशे के खिलाफ चलाए अभियान के बारे जानकारी देते हुए डीजीपी ने बताया कि पुलिस ने गुरुग्राम जिले से 22.33 क्विंटल गांजा, हिसार से 527 किलो 800 ग्राम डोडा पोस्त, पानीपत से 325 से अधिक गांजा पत्ती, महेंद्रगढ़ से 17.12 क्विंटल गांजा पत्ती, कैथल से 21 किलो अफीम व करनाल से 1.28 क्विंटल डोडा पोस्त सहित 7.5 किलो अफीम बरामद कर नशे के सौदागरों के नापाक मंसूबों को विफल किया है।
नशे पर लगाम लगाने के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है। साथ ही, स्कूलों और कॉलेजों पर ध्यान केंद्रित करते हुए ड्रग्स के दुष्प्रभावों के बारे में नागरिकों विशेषकर युवाओं को जागरूक किया जा रहा है। सभ्य समाज में नशे के लिए कोई जगह नहीं है। पुलिस द्वारा नागरिकों, विशेषकर युवाओं को मादक पदार्थों के खतरे से बचाने के लिए ड्रग्स तस्करों सहित इसमें संलिप्त अन्य के खिलाफ इसी प्रकार अभियान जारी रहेगा।