चंडीगढ़, 27 मई। हरियाणा में कोरोना काल व लॉकडाउन की आड़ में खाद्य पदार्थों की कालाबाजारी करने वालों पर प्रदेश सरकार सख्त हो गई है। जिसके चलते दालों व अन्य खाद्य सामग्री का कारोबार करने वालों को हर सप्ताह अपने स्टॉक का ब्यौरा सार्वजनिक करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश में काम करने वाले मिल मालिकों, खाद्य पदार्थों का आयात-निर्यात करने वालों, थोक व रिटेल कारोबारियों को अब अपने स्टॉक आ हिसाब खाद्य आपूर्ति विभाग को देना होगा।
सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में खाद्य पदार्थों को लेकर किसी तरह की कमी नहीं है। इसके बावजूद कुछ जमाखोरों द्वारा मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। जिससे लोगों को लॉकडाउन में नुकसान हो रहा है।
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खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले निदेशालय ने प्रदेश के सभी जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रकों को निर्देश जारी किए हैं कि वह अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में नियमित रूप से जांच अभियान चलाते हुए स्टॉक की जांच करे।
निदेशालय ने केंद्र सरकार की पोर्टल के साथ हरियाणा के कोरोबियों को लिंक करने के निर्देश देते हुए कहा है कि वह चना, उड़द, मसूर, मूंग तथा अरहर की दालों का स्टॉक इस साइट पर अपडेट करें। जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक यह स्टॉक धरातल पर जाकर मिलान करेंगे। यही नहीं सभी दुकानदारों के लिए अनिवार्य कर दिया गया है कि वह अपने-अपने गोदाम, दुकान के बाहर स्टॉक तथा रेट को बोर्ड पर लिखें।
जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रकों को निर्देश दिए गए हैं कि वह फील्ड में जाकर कारोबारियों द्वारा पोर्टल पर डाले गए स्टॉक की जांच करके रिपोर्ट मुख्यालय को भेंजेंगे। निदेशालय ने निर्देश जारी किए हैं कि वह इस बारे में उपभोक्ताओं को जागरूक करने के साथ-साथ खाद्य पदार्थों के कारोबारियों को भी बाध्य करें कि वह अपने स्टॉक को अपडेट करें।