चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने प्रदेश में बीपीएल की परिभाषा को बदल दिया है। पहले जहां प्रदेश में बीपीएल के लिए एक लाख 20 हजार रुपये वार्षिक आय की सीमा तय की गई थी वहीं अब इसे बढ़ाकर एक लाख 80 हजार रुपये कर दिया गया है। इन सभी पात्रों को परिवार पहचान पत्र योजना के साथ जोड़ा जाएगा। इससे अधिक आय होने पर व्यक्ति बीपीएल की श्रेणी से बाहर आ जाएगा।
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यह जानकारी हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने बुधवार को सदन में कांग्रेस विधायक किरण चौधरी द्वारा उठाए गए सवाल के जवाब में दी। किरण चौधरी ने बीपीएल श्रेणी के लोगों की परिभाषा के मुद्दे पर सरकार को घेरा। खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री होने के नाते डिप्टी सीएम दुष्यंत सिंह चौटाला ने विधानसभा में यह जानकारी दी।
किरण ने आरोप लगाया कि इससे बड़ी संख्या में गरीब परिवारों के नाम बीपीएल सूची से कट जाएंगे। उन्होंने कहा कि परिवार की आय जुडऩे के बाद 1 लाख 80 हजार सालाना आय होने से हजारों परिवारों को नुकसान होगा। उन्होंने मांग की कि पहले से बीपीएल सूची में शामिल परिवारों को काटने की बजाय नये परिवारों को इसका लाभ दिया जाए।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अंत्योदय उत्थान योजना सरकार ने शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत पहले चरण में इस साल एक लाख अति गरीब परिवारों का चयन होगा। उन्हें विभिन्न विभागों की योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। सरकार की कोशिश है कि ऐसे परिवारों की सालाना आय 1 लाख 80 हजार रुपये तक पहुंचाई जाए। दुष्यंत ने कहा, हम चाहते हैं कि प्रदेश में एक भी ऐसा परिवार न बचे, जिसे बीपीएल श्रेणी में नाम जुड़वाने के लिए जद्दोजहद करनी पड़े।