चंडीगढ़, 15 मार्च। हरियाणा विधानसभा में विश्वास का मत हासिल करने के बाद पंजाब के अकाली विधायकों द्वारा मुख्यमंत्री का घेराव हमले के उद्देश्य से किया गया था। यह पूरी कार्रवाई बड़ी साजिश का हिस्सा थी। हरियाणा विधानसभा के स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता ने सोमवार को सदन में 10 मार्च के घटनाक्रम पर स्टेट्स रिपोर्ट पेश करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का घेराव एक साजिश के तहत किया गया था और हमला की आशंका को भी नकारा नहीं जा सकता। इस मामले में हरियाणा के डीजीपी जहां अपने स्तर पर कार्रवाई कर रहे हैं वहीं हरियाणा विधानसभा के स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता ने सदन को बताया कि दस मार्च को पंजाब विधानसभा की कार्यवाही बाद दोपहर साढे तीन बजे समाप्त हो गई थी।
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पंजाब के अकाली विधायक सदन की कार्यवाही समाप्त होने के बाद पार्किंग में खड़ी गाडिय़ों में बैठे रहे। शाम करीब 5.50 बजे हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल जब स्पीकर के एंट्री गेट के बाहर मीडिया से बातचीत कर रहे थे तभी अकाली दल के विधायक वहां पहुंच गए और उन्होंने सीएम का घेराव करते हुए नारेबाजी की। स्पीकर ने सीएम पर हमले की आशंका जताते हुए कहा कि अकाली विधायकों की जेब में काले झंडे थे। स्पीकर ने बताया कि अब तक हुई जांच में पता चला है कि अकाली दल के जिन विधायकों ने सीएम का घेराव किया था उन्हें सदन से निषकाषित किया जा चुका था। सदन से बाहर होने के बावजूद वह जानबूझकर पार्किंग में मौजूद रहे। स्पीकर ने कहा कि इस मामले में चंडीगढ़ पुलिस द्वारा डीडीआर काटी जा चुकी है। पुलिस महानिदेशक को जांच के आदेश देकर रिपोर्ट मांगी गई है। यह रिपोर्ट आने के बाद पंजाब के अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी ताकि इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।