चंडीगढ़। हरियाणा सरकार का मानना है कि अभी कोरोना को लेकर प्रदेश में स्थिति नियंत्रण में है और कोरोना के कारण पहले ही बच्चों की पढ़ाई का नुकसान हो चुका है। जिसके चलते वर्तमान हालातों में स्कूल बंद नहीं किए गए जाएंगे अलबत्ता सभी स्कूल प्रबंधकों को कोरोना के सबंध में जारी की गई एसओपी सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। यह फैसला शिक्षा मंत्री कंवर पाल की अध्यक्षता में रविवार को हुई अधिकारियों की बैठक में लिया गया।
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राज्य सरकार ने पहली फरवरी से तीसरी से पांचवीं तक के विद्यार्थियों को स्कूलों में बुलाना शुरू किया। वहीं 24 फरवरी से पहली व दूसरी के लिए भी स्कूल खोल दिए गए। इससे पहले छठी से आठवीं तथा नौंवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए चरणबद्ध तरीके से स्कूलों को खोला गया। इस बीच कोरोना केस दोबारा आने शुरू हो गए हैं। हरियाणा के स्कूलों में भी अभी तक 556 से अधिक विद्यार्थी कोरोना पॉजिटिव मिल चुके हैं। वहीं 2500 के करीब बच्चों का टेम्परेचर 100 से अधिक मिलने के बाद उन्हें स्कूलों में एंट्री नहीं दी गई। सरकार सोमवार से आंगनबाड़ी खोलने के निर्देश भी दे चुकी है। अभी तक मिले पॉजिटिव विद्यार्थियों में सबसे अधिक 265 अकेले करनाल जिला में मिले हैं। इस बीच, शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुर्जर ने विभाग के आला अफसरों से इस बारे में बात करने के बाद मुख्यमंत्री से बातचीत की। सीएम को ब्रीफ करने और उनके साथ विचार-विमर्श के बाद तय किया है कि राज्य में फिलहाल स्कूलों को बंद नहीं किया जाएगा। बैठक में शिक्षा विभाग के बजट को लेकर व्यापक चर्चा हुई है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षा विभाग का बजट किस तरह से खर्च करना है, इस पर मंथन हुआ। उन्होंने कहा कि प्रदेश में फिलहाल स्कूलों को बंद करने की कोई योजना नहीं है। कोरोना के चलते पिछले करीब एक साल से स्कूल लगभग पूरी तरह से बंद थे। इससे पढ़ाई का अधिक नुकसान हो चुका है।