चंडीगढ़। सिक्स लेन कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेस-वे में पड़े गड्ढों के कारण संभावित दुर्घटनाओं को टालने के लिए उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने अधिकारियों को रिपेयरिंग का काम 30 सितंबर तक पूरा करने का टारगेट दिया है। उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि एक्सप्रेस-वे के मरम्मत का काम न केवल निर्धारित समय सीमा में हर हालत में पूरा होना चाहिए बल्कि गुणवत्तायुक्त भी होना चाहिए।
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दुष्यंत चौटाला ने इस एक्सप्रेस-वे पर सडक़ दुर्घटनाओं की संभावना को टालने के लिए एक्सप्रेस-वे पर लगी प्रतिमाओं को भी शिफ्ट करने के आदेश जारी किए है। यहां बता दें कि केएमपी एक्सप्रेस-वे के रख-रखाव का जिम्मा हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन (एचएसआईआईडीसी) का है।
दरअसल, उपमुख्यमंत्री अपने रूट को डायवर्ट कर केएमपी का निरीक्षण करने पहुंचे थे। दिल्ली प्रवास के बाद 17 अगस्त को डिप्टी सीएम को चंडीगढ़ आना था लेकिन केएमपी का निरीक्षण करने के लिए दुष्यंत चौटाला ने अचानक अपना रूट बदला और केएमपी रूट से होकर दिल्ली से चंडीगढ़ जाने का फैसला किया। वे दिल्ली से गुरुग्राम होते हुए फर्रुखनगर से एक्सप्रेस-वे पर पहुंचे और कुंडली तक एक्सप्रेस-वे का निरीक्षण किया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री को अनेक स्थानों पर एक्सप्रेस-वे टूटा हुआ मिला तथा कई स्थानों पर गड्ढे भी मिले। जहां-जहां सडक़ टूटी हुई मिली, उन प्वाईंट को उन्होंने अपनी बुक में नोट कर लिया। कई स्थानों पर सडक़ के किनारों की मिट्टी भी बही पाई गई। वहीं इस दौरान यह भी पाया गया कि अनेक स्थानों पर सडक़ के किनारों और बीचों-बीच प्रतिमाएं भी लगाई गई है जो वाहन चालक का ध्यान आकर्षित करती हैं और हादसे का कारण बन सकती हैं।
चंडीगढ़ पहुंचने के बाद बुधवार को उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने एचएसआईआईडीसी के अधिकारियों को अपने कार्यालय में तलब किया। उन्होंने जब अधिकारियों के समक्ष अपनी नोट-बुक निकाल कर टूटी हुई सडक़ के प्वाईंट के बारे में बताया तो अधिकारी भी हतप्रभ रह गए। एक्सप्रेस-वे के गड्ढों को लेकर उन्होंने खासी नाराजग़ी व्यक्त की।
उन्होंने एचएसआइडीसी के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे तुरंत इस केएमपी एक्सप्रेस-वे के रिपेयरिंग का काम शुरू करें ताकि टूटी हुई सडक़ के कारण सडक़ हादसे की संभावनाओं को पूरी तरह से टाला जा सके। दुष्यंत चौटाला ने अधिकारियों को इस रूट पर लगी प्रतिमाओं को टोल-प्लाजा के आसपास स्थापित करने की संभावनाओं को तलाशने के भी आदेश दिए, जहां वाहनों की गति कम रहती है।