चंडीगढ़। हरियाणा व पड़ोसी राज्यों में लगातार बढ़ रहे कोरोना केसों के मद्देनजर विधानसभा स्पीकर ने विधायकों के स्टडी टूर पर रोक लगा दी है। विधानसभा की कोई कमेटी अगर किसी विषय पर शोध करना चाहेगी तो उसे यहीं पर संसाधन मुहैया करवाए जाएंगे। इस बीच विधानसभा स्पीकर ने विधायक की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को सोनीपत की तत्कालीन डीएफएससी को तलब कर लिया है।
हरियाणा विधानसभा द्वारा बनाई गई कमेटियों द्वारा हर साल पड़ोसी राज्यों में स्टडी टूर किए जाते हैं। इनमें कुछेक कमेटियां ही ऐसी हैं जो वास्तव में स्टडी करती हैं तो कुछ मौज मस्ती कर लौट आती हैं। इस बार इस तरह के टूर नहीं होंगे। विधानसभा में 90 विधायक हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल और उनकी कैबिनेट के मंत्रियों तथा स्पीकर को छोडक़र बाकी विधायकों को विधानसभा की विभिन्न कमेटियों में शामिल किया गया है। विधानसभा की सबसे अहम और पावरफुल कमेटी विशेषाधिकार हनन (प्रीविलेज) कमेटी है। साथ ही विधानसभा की लोक लेखा कमेटी भी काफी पावरफुल है। इस बार पहली बार विधानसभा की कमेटियां अधिकारियों को विभिन्न मसलों पर उनकी जवाबदेही के लिए तलब कर रही हैं। विधानसभा की प्रीविलेज कमेटी ने शुक्रवार को गोहाना के कांग्रेस विधायक जगबीर मलिक की एक शिकायत के आधार पर सोनीपत की तत्कालीन डीएफएससी मनीषा को तलब कर रखा है। मलिक ने स्पीकर के सामने शिकायत की थी कि अधिकारी उनका फोन नहीं उठाती और न ही जवाब देती है। हालांकि मनीषा ने जवाब दे दिया था, लेकिन विधायक उससे संतुष्ट नहीं हैं, जिस कारण यह मामला विधानसभा की प्रीविलेज कमेटी को सौंपा गया है।