चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने एक अहम आदेश जारी करके हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के पांच सदस्यों का कार्यकाल अगले एक साल के लिए बढ़ा दिया है। पिछले कई दिनों से चल रही अटकलों को दरकिनार करते हुए सरकार ने पहले से तैनात सदस्यों के कार्यकाल में वृद्धि की है। इसमें कोई नई नियुक्ति नहीं हुई है।
मनोहर सरकार ने मार्च 2015 में खट्टर सरकार ने भारत भूषण भारती को तीन वर्षो के लिए आयोग का चेयरमैन एवं नीलम अवस्थी, देवेंदर सिंह, अमर नाथ सौदा, भोपाल सिंह एवं विजय पाल सिंह को तीन वर्षो के लिए सदस्य लगाया गया था। इसके सवा वर्ष बाद जुलाई 2016 में आयोग में पांच और सदस्यों डॉ.एच.एम. भारद्वाज, राजबाला सिंह, प्रदीप जैन, सुरेंद्र कुमार और डॉ. हंस राज यादव की नियुक्ति भी तीन वर्षों के लिए की गयी।
करीब सवा दो वर्ष पूर्व मार्च 2018 में खट्टर सरकार ने चेयरमैन भारती को तो तीन वर्ष का लगातार दूसरा कार्यकाल प्रदान कर दिया परन्तु उनके साथ मार्च 2015 में नियुक्त पांच सदस्यों का कार्यकाल केवल बढ़ाकर 11 जुलाई 2019 तक कर किया। गत वर्ष आयोग के दस सदस्यों का कार्यकाल पूरा होने पर केवल पांच को एक वर्ष के कार्यकाल का विस्तार दिया। अब सरकार ने शनिवार को कार्यकाल पूरा होने से पहले ही शुक्रवार की रात एक आदेश जारी करके बोर्ड सदस्यों नीलम अवस्थी,अमर नाथ सौदा, भोपाल सिंह, विजय पाल सिंह और प्रदीप जैन का कार्यकाल 23 मार्च 2021 तक बढ़ा दिया है। हरियाणा की मुख्य सचिव ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए सामान्य प्रशासन शाखा को भेज दिए हैं।
मनोहर सरकार ने जिन सदस्यों को एक्सटेंशन दी है वह सभी भाजपा कोटे के हैं। ऐसे में जजपा के नेताओं को एचएसएससी में हिस्सेदारी मिलने को लेकर चल रही अटकलें समाप्त हो गई हैं। हालांकि सरकार के पास अभी अन्य सदस्यों का कार्यकाल पूरा होने तक इंतजार करने अथवा नए सदस्यों की नियुक्ति को मंजूरी देकर जजपा नेताओं को एड्जस्ट करने का एक अवसर मौजूद है।