चंडीगढ़ । हरियाणा में साल 2020 के प्रथम 6 माह के दौरान हत्या, हत्या का प्रयास, डकैती, लूटपाट, फिरौती के लिए अपहरण सहित अन्य जघन्य अपराध के मामलों में कमी आई है। पिछले वर्ष की तुलना में इस साल कु ल अपराध का ग्राफ 3.75 प्रतिशत तक कम हुआ है। इस साल जनवरी-जून 2020 के बीच आईपीसी के तहत दर्ज 49,978 मामलों की तुलना में 2019 की इसी अवधि के दौरान 51928 मामले दर्ज हुए।
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पुलिस द्वारा प्रथम 6 माह की अवधि में हत्या के 84.63 प्रतिशत मामलों, गैर इरादतन हत्या के 100 प्रतिशत, हत्या को प्रयास के 91.75 प्रतिशत, चोट के 97.66 प्रतिशत और अपहरण के 83.59 प्रतिशत मामलों को सफलतापूर्वक सुलझाया गया है।पुलिस महानिदेशक (डीजीपी)मनोज यादव ने इस संबंध में जानकारी देते हुए आज यहां बताया कि गत 6 माह में क्राईम अगेंस्ट पर्सन्स के मामलों में 4.06 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। जनवरी से जून 2020 में हत्या के मामलों की संख्या 2019 की समान अवधि की तुलना में 590 से घटकर 488 रह गई जो 17.28 प्रतिशत की गिरावट है।
हत्या का प्रयास की घटनाओं में भी कमी आई है जो 467 से घटकर 449 रह गई। उनहोने बताया कि अन्य गंभीर अपराधों में, गलत तरीके से कारावास के मामलों में 957 केस (18.56 प्रतिशत) की कमी आई है। 2019 में जहां 5155 मामले दर्ज हुए थे वही इस साल 4198 मामले पंजीकृत हुए। वहीं क्रिमिनल ट्रैसपास के मामलों पर भी अंकुश लगा है जो इस साल 23 कम पंजीबद्ध हुए हैं। लडक़ों और पुरुषों के अपहरण की वारदातें भी साल 2019 के 350 से घटकर 2020 में 262 रह गई, जोकि 25.14 प्रतिशत कम है।इसी प्रकार, संपत्ति के खिलाफ अपराध की वारदातों का ग्राफ भी कम हुआ है।
जनवरी-जून 2020 में सेंधमारी के मामलों की संख्या में 9.67 प्रतिशत की गिरावट आई है। 2019 के प्रथम 6 माह में जहां 3607 मामले सामने आए, वहीं 2020 की इसी अवधि में यह कम होकर 3258 रह गए। चोरी के मामलों की संख्या में भी 31.12 फीसदी की भारी गिरावट देखी गई जो 11794 से घटकर 8123 रह गई। लूटपाट के मामलों की संख्या भी 667 से कम होकर 500 रह गई। पिछले साल 2019 में स्नैचिंग के 1023 मामले रिपोर्ट हुए थे, जो 2020 में 670 तक रह गए। डकैती का ग्राफ भी अपेक्षाकृत बेहतर रहा जिसमें 10.66 प्रतिशत तक की कमी आई।