चंडीगढ़। हरियाणा के सरकारी व प्राइवेट स्कूलों में अब सर्दियों की छुट्टियां नहीं होंगी। अगस्त-सितंबर में प्रस्तावित स्कूलों को खोलने की योजना सिरे चढ़ती है तो स्कूलों में शनिवार की छुट्टियां भी रद्द होंगी। मोटे तौर पर सरकार इस बारे फैसला कर चुकी है। यह निर्णय इसीलिए लिया है ताकि लॉकडाउन में स्कूलों के बंद रहने से प्रभावित हुई पढ़ाई की रिकवरी हो सके। यही नहीं, 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के सिलेबस को भी कम किया जाएगा।
प्रदेश में लॉकडाउन के दौरान प्राइवेट के साथ सरकारी स्कूल भी पूरी तरह से बंद रहे। हालांकि पहली अप्रैल से ही सरकार ने ऑनलाइन पढ़ाई की शुरूआत करवा दी थी। एजुसेट के जरिये सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को पढ़ाया जा रहा है। विभिन्न कंपनियों के नेटवर्क में दिक्कत आई तो सरकार ने जियो के साथ भी एमओयू किया। अब जियो नेटवर्क के जरिये विद्यार्थियों को पढ़ाया जा रहा है। प्राइवेट स्कूलों में भी जूम सहित विभिन्न प्रकार की एप के जरिये बच्चे ऑनलाइन पढ़ रहे हैं।
शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर का कहना है कि स्कूलों के बंद होने की वजह से काफी पढ़ाई प्रभावित हो चुकी है। बेशक, ऑनलाइन पढ़ाई जारी है लेकिन काफी कुछ अधूरा रह जाता है। इसीलिए तय किया है कि जब भी स्कूल खुलेंगे तो शनिवार की छुट्टियां रद्द की जाएंगी। स्कूलों का टाइम भी बढ़ाया जा सकता है। दिसंबर के आखिर और 10 जनवरी तक होने वाली सर्दी की छुट्टियों को भी रद्द करने का निर्णय लिया गया है।
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आठवीं कक्षा में फिर से बोर्ड लागू करने पर गुर्जर ने कहा कि इस बारे में फैसला हो चुका है। सरकार विधानसभा में भी फिर से बोर्ड लागू करने का ऐलान कर चुकी है। सभी जिलों के शिक्षा अधिकारियों के अलावा मुख्यालय के अधिकारियों को इस बारे में निर्देश दिए जा चुके हैं। इस बार क्योंकि लॉकडाउन की वजह से दिक्कत रही है तो अगले शैक्षणिक सत्र में बोर्ड की परीक्षाएं होंगी। पूर्व की यूपीए सरकार ने आठवीं के बोर्ड को भंग करने का फैसला लिया था, जो पूरी तरह से गलत था।
केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के सिलेबस को 30 प्रतिशत तक कम किया है। गुर्जर का कहना है कि हरियाणा में भी सिलेबस को कम किया जाएगा। स्कूलों के बंद होने की वजह से पूरा सिलेबस करवा पाना संभव भी नहीं है। हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ ने सीबीएसई की तर्ज पर हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड से भी 9वीं नौंवी से 12वीं कक्षा तक का सिलेबस कम करने की मांग कर चुका है।
संघ ने आठवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा लागू करने के फैसले का स्वागत करते हुए अगले सत्र से बोर्ड परीक्षा लेने व 5वीं कक्षा के लिए भी बोर्ड परीक्षाएं लागू करने की मांग की है। संघ प्रदेशाध्यक्ष सत्यवान कुंडू, महासचिव पवन राणा, उपप्रधान सौरभ कपूर, संरक्षक तेलूराम रामायणवाला व बलदेव खन्ना ने कहा कि कोरोना महामारी के चलते प्रदेश के सभी स्कूल 15 मार्च से बंद हैं। आगे भी जल्द खुलने की कोई संभावना नजर नहीं आ रही है।
उन्होंने कहा कि अभी स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाएं चल रही है, लेकिन इससे रेगुलर कक्षाओं की तरह पढ़ाई नहीं हो पाती, जितनी पूरा सिलेबस कराने के लिए होनी चाहिए। इसलिए बच्चों की पढ़ाई के नुकसान को देखते हुए स्टूडेंट्स पर दबाव कम करने के लिए सीबीएसई की तरह नौंवी से 12वीं कक्षा तक का सिलेबस कम से कम 50 प्रतिशत घटाया जाए, ताकि बच्चे उसी आधार पर अपनी तैयारी कर सके।