चंडीगढ़। हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कोरोना के दौरान मरीजों की गलत जांच रिपोर्ट देने के आरोप में गुरुग्राम की एसआरएल लैब के विरूद्ध मामला दर्ज करने के आदेश जारी कर दिए हैं। विज ने यह फैसला जांच रिपोर्ट के आधार पर लिया है। इस मामले में प्रदेश सरकार ने कार्रवाई के लिए पहले केंद्र को लिखा था। केंद्र ने गेंद हरियाणा सरकार के पाले में डालते हुए अपने स्तर पर फैसला करने को कहा था।
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हरियाणा में कोरोना के शुरूआती दौर में अंबाला जिला के कुछ संदिग्ध कोरोना संक्रमितों ने एसआरएल लैब के माध्यम से जांच करवाई। जांच रिपोर्ट में सभी को पॉजिटिव बता दिया गया। इसके बाद जब उन्हीं संदिग्धों की सरकारी लैब में जांच करवाई गई तो उन्हें नेगेटिव बताया गया। यह मामला स्वास्थ्य मंत्री के संज्ञान में आया तो उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के सचिव को इस पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए।
इस बीच एसआरएल से संबंधित एक और मामला सामने आया। जिसमें करनाल के एक युवक की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उसने आत्महत्या कर ली और मृत्यु के बाद उसकी रिपोर्ट नेगेटिव आ गई। विभागीय रिपोर्ट में एसआरएल लैबोरटरी को गलत रिपोर्ट दिए जाने के मामले में दोषी करार दे दिया। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री ने एफआईआर दर्ज करवाने के लिए कानूनी राय लेने हेतु मामला महाधिवक्ता के पास भेज दिया। इस बीच हरियाणा सरकार ने केंद्र को भी इस बारे में कार्रवाई के लिए लिखा। केंद्र सरकार ने हरियाणा के पाले में गेंद डालते हुए हरियाणा को ही अपने स्तर पर कार्रवाई के निर्देश दे दिए। अब सभी पहलूओं को आधार बनाकर एसआरएल लैब के खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश जारी किए गए हैं।
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एसआरएल लैब की रिपोर्ट गलत आई थी। कई मरीजों की शिकायत के बाद यह जांच करवाई गई है। जांच में भी लैब को दोषी पाया गया है। अब लैब प्रबंधकों के खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अनिल विज, स्वास्थ्य मंत्री हरियाणा।