चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने चुनावी घोषणा को अमली रूप देते हुए प्रदेश के नगर निगमों में ठेकेदारी प्रथा समाप्त करने का फैसला किया है। अब भविष्य में निकायों के माध्यम से ही सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति होगी। जिसकी शुरूआत स्थानीय निकाय मंत्री अनिल विज के गृह जिला अंबाला से हो चुकी है। पहले चरण में डेढ सौ से अधिक सफाई कर्मचारियों को निकाय विभाग के माध्यम से नियुक्ति पत्र दे दिया गया है। सरकार के इस फैसले से पांच हजार से अधिक सफाई कर्मियों को सीधा लाभ होगा।
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हरियाणा के स्थानीय निकाय मंत्री अनिल विज ने अंबाला स्थित अपने आवास से विभागीय कामकाज देख रहे हैं। जिसके चलते शुक्रवार को उन्होंने इस संबंध में आदेश जारी किए। इसके बाद विज ने अंबाला निगम के कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। विज ने वीडियो कांफ्रैंसिंग के माध्यम से अधिकारियों की बैठक लेते हुए सभी निगमों में निर्देश दिए कि वह निगमों में ठेकेदार के माध्यम से लगे कर्मचारियों को विभाग के माध्यम से नियुक्त करने का प्रारूप तैयार करें।
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प्रदेश में 22 हजार से अधिक कुल सफाई कर्मचारी हैं। इनमें से 7 हजार से अधिक नियमित तथा 10 हजार के करीब कांट्रेक्ट (अनुबंधित) कर्मचारी हैं। वहीं पांच हजार के करीब ऐसे कर्मचारी हैं, जो ठेकेदारों के जरिये हैं। अंबाला में पदों का सृजन करने के बाद यह फैसला लिया है।
ठेकेदारों के जरिये लगे सफाई कर्मचारियों को 11 हजार 880 रुपये मासिक वेतन मिल रहा है। वहीं निकायों के रोल पर आने के बाद सफाई कर्मचारियों का वेतन बढक़र 16 हजार 150 रुपये हो जाएगा। पीएफ व ईएसआई फंड कटकर उन्हें 14 हजार 350 रुपये मिलेंगे। इतना ही नहीं, 10 सीएल, 10 मेडिकल लीव, 1000 रुपये सेनिटेशन भत्ता, 150 रुपये मासिक झाड़ू भत्ता भी उन्हें मिलेगा।