चंडीगढ़। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने 19 दिनों से लगातार बढ़ रहे तेल के दामों का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीज़ल के बढ़ते दाम सबसे ज़्यादा आम आदमी और किसान पर भारी पड़ रहे हैं। क्योंकि, खेती का ज़्यादातर काम डीज़ल पर निर्भर है। सिंचाई से लेकर ट्रांसपोर्ट तक में सबसे ज़्यादा डीज़ल इस्तेमाल होता है। लेकिन, मौजूदा सरकार ने डीज़ल को पेट्रोल से भी महंगा कर दिया है। तेल के दामों का सीधा कनेक्शन महंगाई से है। अगर तेल के दाम बढ़ेंगे तो ट्रांसपोर्ट किराया, परिवहन, आवागमन, व्हीकल चलाना और उत्पादन महंगा हो जाएगा। इसके चलते हर चीज़ के दाम बढ़ेंगे।
सरकार तेल के दाम बढ़ाकर जनता का तेल निकालने में लगी है।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लोगों से कई गुना टैक्स वसूल रही है और कर्ज भी कई गुना ले चुकी है। बावजूद इसके गरीब, मध्यम वर्ग, किसान, दुकानदार या कारोबारी, किसी वर्ग को कोई आर्थिक राहत नहीं दी जा रही है। अगर हरियाणा की बात की जाए तो हमारे कार्यकाल में दूसरे राज्यों के लोग भी यहां से तेल डलवाना पसंद करते थे। ताकि, लोगों को पता चल जाए कि यहां सस्ता तेल मिलेगा। हमारे कार्यकाल में तेल पर वैट केवल 9 प्रतिशत था, जो बीजेपी राज में बढक़र दोगुना हो गया है। हरियाणा में भी पेट्रोल और डीज़ल दोनों के दाम 80 रुपये प्रति लीटर तक पहुंचने वाले हैं।
उन्होने कहा कि महज 19 दिन में पेट्रोल के दाम 8.66 रुपये और डीज़ल के दाम 10.62 रुपये बढ़ चुके हैं। इससे पहले केंद्र सरकार ने 5 मई को पेट्रोल पर 10 रुपये और डीजल पर 13 रुपये प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई थी।