चंडीगढ़। अनलॉक के दौरान हरियाणा सरकार द्वारा अंतर जिला स्तर पर बसों का संचालन भले ही शुरू कर दिया गया हो लेकिन बसों में पहले की तरह यात्रियों की संख्या पूरी नहीं होने के कारण सडक़ों पर बसें चलाकर भी रोडवेज घाटे में है। पहले से ही घाटे को झेल रही हरियाणा रोड़वेज के घाटे में लगातार वृद्धि हो रही है। परिवहन मंत्री खुद मुख्यमंत्री से विशेष राहत पैकेज की मांग कर चुके हैं। उनका तर्क है कि हरियाणा में अन्य विभागों के मुकाबले रोडवेज को सर्वाधिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
हरियाणा में 23 मार्च को लॉकडाउन हो गया था। जिसके साथ ही सरकार ने बस सेवा भी बंद कर दी थी। हरियाणा में इस समय रोड़वेज के 23 मुख्य डिपो और 13 सब डिपो हैं। इनके अंतर्गत इस वक्त बेड़े में कुल 3853 बसें हैं। जिनमें 3200 सरकारी, 150 सरकारी गुलाबी मिनी बसें, 18 लग्जरी बसें और 485 किलोमीटर स्कीम वाली हायर की प्राइवेट बसें शामिल हैं। इन बसों के संचालन, रख-रखाव आदि के लिए करीब 17 हजार कर्मचारी कार्यरत हैं। लॉकडाउन से पहले उपरोक्त में से रोजाना औसतन 3600 के करीब 10.5 लाख किलोमीटर सफर तय करती हैं जिसमें रोजाना 9 लाख 66 हजार यात्री सफर करते हैं। सरकार को बसों तथा बस अड्डों से रोजाना औसतन साढे तीन करोड़ की आमदन होती रही है।
24 मार्च से तीन जून तक हरियाणा रोडवेज की बस सेवा पूरी तरह स्थगित रही। तीन जून से हरियाणा में बसों को दोबारा सोशल डिस्टेंसिंग के साथ सडक़ों पर उतारा गया। शुरूआती दिनों में सरकार ने अधिक मात्रा में बसों को चलाया लेकिन यात्रियों के अभाव तथा घाटे के चलते बसों की संख्या को लगातार कम किया जा रहा है। हरियाणा सरकार द्वारा लॉकडाउन के दौरान ही बस किराए में वृद्धि की जा चुकी है। पहले हरियाणा में औसतन 85 पैसे प्रति किलोमीटर की दर से किराया वसूला जाता था। अब सरकार ने इसे बढ़ाकर एक रुपये एक 1.15 तक कर दिया है।
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मिली जानकारी के अनुसार तीन जून को प्रदेश में ऑन लाइन व ऑफ लाइन बुकिंग के माध्यम से 398 बसों को सडक़ों पर उतारा। हालांकि सरकार का लक्ष्य इन बसों को बढ़ाकर एक हजार करना था लेकिन यात्रियों के अभाव में अभी तक 762 बसें ही सडक़ों पर उतर सकी हैं। तीन जून से अब तक ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से 42 हजार 459, तथा ऑफलाइन बुकिंग के माध्यम से पांच लाख 86 हजार 553 यात्रियों ने सफर किया है। दिलचस्प बात यह है कि लॉकडाउन से पहले रोड़वेज को जहां रोजाना औसतन करीब साढे तीन करोड़ की आमदन होती थी वहीं पिछले 22 दिनों में चार करोड़, 13 लाख 66 हजार 945 रुपए की आमदन हुई है। लॉकडाउन से पहले रोडवेज की बसें जहां रोजाना औसतन दस लाख किलोमीटर का सफर तय करती थी वहीं पिछले 22 दिनों में परिवहन बसों ने कुल 25 लाख 47 हजार 673 किलोमीटर सफर तय किया है।