मोहाली। अब तक लोगों को आवासीय व कमर्शियल साइटें व फ्लैट आदि उपलब्ध करवाने वाला पंजाब सरकार का संस्थान ग्माडा अब लुप्त हो रहे पक्षियों, जीव, जंतुओं को बचाने व उन्हें रैन बसेरा व भोजन उपलब्ध करवाने के लिए कदम उठाने जा रहा है। यह न केवल प्रशंसनीय कदम है बल्कि ग्माडा का पर्यावरण मैत्री फैसला भी है। ग्माडा के बागवानी विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विभाग द्वारा पक्षियों/जीव-जंतुओं के लिए शहर में विकसित हो रहे एयरो सिटी तथा पीआर 9 रोड के साथ-साथ आईटी सिटी में दो ‘फ्रूट बैल्ट’ यानि फलों वाले पौधों की बैल्टें विकसित करने की योजना बनाई है। सूत्रों के अनुसार इस समय बड़ी संख्या में पौधों व जंगलों की कटाई हो रही है। हर तरफ कंक्रीट के जंगल यानि पक्के मकान आदि बन रहे हैं।
जिसके चलते वनों में रहने वाले पक्षियों/जीव-जंतुओं के लिए भारी कठिनाई हो रही है और इनकी अनेक प्रजातियां लुप्त होने के कगार पर पहुंच चुकी हैं।
सूत्रों के अनुसार इसके पीछे मुख्य उद्देश्य कुदरत का संतुलन बनाए रखना है। इसमें पक्षियों व जीव जंतुओं का अस्तित्व बचाए रखना बेहद जरूरी है। इसके उलट इंसान अपने फायदे के लिए कुदरत की धरोहर से छेड़छाड़ करता है तो कुदरत का प्रबंधन हिल जाता है। जिसके चलते धरती पर भूकंप, बाढ़,तूफान बीमारियां तथा अनेक तरह की भीषण आपदाएं आती हैं। जो इंसान के विनाशकारी सिद्ध होती हैं। इसलिए हम सभी को कुदरत का सिस्टम बनाए रखने के लिए कुदरत द्वारा प्रदत्त धरोहरों का विनाश करने से गुरेज करना चाहिए। इसी बात को ध्यान में रखने हुए ग्माडा के बागवानी विभाग ने शहर में फ्रूट बैल्ट को तैयार करने का निर्णय लिया है। जिसकी शुरूआत मानसून के साथ हो जाएगी।
इस बैल्ट में पक्षियों व जीव जंतुओं की पसंद के फलों के पौधे लगाए जाएंगे। जिसमें आम जामुन, बरगद, पीपल, अमरूद, नसूड़े, चीकू, आडू, नींबू प्रजाति के पौधे, बेर, आलूबुखारा, नाशपति, लीची, शहतूत आदि के पौधे लगाए जाएंगे जिन्हें इंसान के साथ-साथ पक्षी, जीव-जंतु भी पसंद करते हैं। इन फ्रूट बैल्टों को विकसित करने से जहां लुप्त हो रहे पक्षियों को रहने के लिए स्थान व आहार मिलेगा वहीं पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।
विभागीय सूत्रों के अनुसार इन पौधों को लगाने तथा इनके रख-रखाव के लिए सामाजिक संगठनों व अन्य लोगों की भी मदद ली जा सकती है। सूत्रों के अनुसार एयरो सिटी के जी ब्लाक में 300*30 मीटर में करीब 725 फलों के पौधे तथा पीआर-9 रोड के साथ-साथ करीब 60 एकड़ जमीन पर आईटी सिटी में करीब 19000 फलदार पेड़ लगाए जाएंगे।