चंडीगढ़। हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जयप्रकाश दलाल ने बुधवार को चंडीगढ़ से प्रदेश के किसानों से वर्चुअल संवाद करते हुए उन्हें फसलों का विविधीकरण अपनाने के प्रति प्रेरित किया और कहा कि वे अब रोजगार मांगने वाले नहीं बल्कि रोजगार देने वाले बनें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने कृषि के अलावा, पशु पालन, डेयरी व मछली पालन के क्षेत्र में कई योजनाएं शुरू की हैं जिनका लाभ ग्रामीण क्षेत्र के युवा बखूबी उठा सकते हैं। इससे गांव से शहर की तरफ रोजगार के लिए होने वाले पलायन को रोकने में मदद भी मिलेगी।
कृषि मंत्री ने बताया कि वर्तमान सरकार किसानों के पशु किसान क्रेडिट कार्ड बनाने पर जोर दे रही है तथा प्रदेश में करीब 8 लाख कार्ड बनाने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि पशुओं के लिए राज्य सरकार द्वारा 60,000 रूपए से लेकर 3 लाख रूपए तक का बीमा किया जाता है। उन्होंने किसानों से आह्वïान किया कि वे दूसरे गरीब तबके के लोगों को भी पशुओं का बीमा करवाने के लिए पे्ररित करें। उन्होंने बताया कि दूध की उपलब्धता वर्ष 2013-14 में जहां 800 ग्राम प्रति व्यक्ति थी वहीं वर्तमान सरकार के कार्यकाल वर्ष 2018-19 में 1087 ग्राम प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता रही है।
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दलाल ने बताया कि वर्तमान सरकार किसान हितैषी है और किसानों के हर दुख-दर्द में सहायता करती है। उन्होंने कहा कि किसानों को अपनी फसलों का बीमा करवाना चाहिए ताकि प्राकृतिक आपदा या उत्पादन कम होने से किसान का किसी प्रकार का रिस्क न रहे। उन्होंने जानकारी दी कि फसल बीमा योजना के तहत वर्ष 2005 से 2014 तक तत्कालीन सरकार ने किसानों को मुआवजे के रूप में मात्र 164.30 करोड़ रूपए दिए जबकि वर्तमान सरकार ने वर्ष 2016 से वर्ष 2019 तक 2546.96 करोड़ रूपए किसानों को मुआवजे के तौर पर मिले हैं।