चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों में जूनियर बेसिक ट्रेनिंग (जेबीटी) पास शिक्षकों की भर्ती का फैसला किया है। इसके लिए प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। निदेशालय ने प्रदेश के सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों (डीईईओ) से रिक्त पदों का ब्योरा मांगा है। इसके बाद हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के पास रिक्त पदों पर भर्ती के लिए सिफारिश भेजी जाएगी।
हरियाणा में प्राइमरी स्तर के 8 हजार 635 सरकारी स्कूल हैं। जिनके लिए प्राथमिक शिक्षकों के कुल 41 हजार 273 स्वीकृत पद हैं। प्राइमरी स्कूलों में फिलहाल 29 हजार 550 पदों पर स्थाई शिक्षक तैनात हैं, जबकि छह हजार 28 अतिथि अध्यापक स्कूलों में पढ़ा रहे हैं। कानूनी अड़चनों के चलते अभी तक अतिथि अध्यापकों के पदों को रिक्त मानकर भर्तियां की जा रहीं थी, लेकिन अब प्रदेश सरकार ने विधानसभा में विधेयक पारित कर 58 वर्ष तक के लिए इनकी नौकरी सुरक्षित कर दी है। इसके चलते बाकी के पांच हजार 695 पदों को रिक्त माना गया है।
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हाल ही में एडवोकेट जनरल कार्यालय ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चल रहे कृष्णा देवी एवं अन्य बनाम प्रदेश सरकार के मामले में अदालत को बताया कि शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए सभी जिलों से रिक्त पदों का डाटा जुटाया जा रहा है। इसके बाद कंपाइल रिपोर्ट तैयार कर मौलिक शिक्षा विभाग भर्ती के लिए एचएसएससी को पत्र लिखेगा और नई भर्ती प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
हरियाणा की पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान वर्ष 2010 में भर्ती हुए 1983 शारीरिक शिक्षकों (पीटीआई) की बहाली की रही-सही उम्मीदें भी खत्म हो गई हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा विगत आठ अप्रैल को भर्ती में अनियमितता के चलते नौकरी से निकालने के आदेश पर पुनर्विचार की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है। इसके साथ ही एक और दो जून को निकाले गए इन शारीरिक शिक्षकों के पास अब कोई दूसरा चारा नहीं बचा है। हालांकि जो पीटीआई कर्मचारी चयन आयोग द्वारा नए सिरे से शुरू की गई भर्ती प्रक्रिया पास कर लेंगे, उनकी नौकरी बहाल हो जाएगी।