चंडीगढ़। हरियाणा में सामान्य दिनों में अफसरशाही द्वारा जनता की सुनवाई न किए जाने की खबरें आम रहती हैं लेकिन कोरोना के चलते हुए लॉकडाउन के दौरान भी नौकरशाह जनता को संतुष्ट नहीं कर पाए। हजारों की संख्या में समाजिक संस्थाओं और सभी जिला प्रशासन के अधिकारियों ने लॉकडाउन के दौरान रोजाना राशन वितरण और लंगर को लेकर बड़े-बड़े दावे किए लेकिन मुख्यमंत्री कार्यालय में इस अवधि के दौरान सबसे अधिक शिकायतें राशन नहीं मिलने को लेकर ही पहुंची हैं। लॉकडाउन के दौरान सीएमओ में साढे पांच हजार से अधिक शिकायतें आई हैं।
हरियाणा में लाकडाउन के दौरान सीएम विंडो तक बंद रही, लेकिन सोशल मीडिया खासकर वाट्सएप, फेसबुक और ट्वीटर के जरिये मुख्यमंत्री कार्यालय के पास साढ़े पांच हजार से अधिक शिकायतें पहुंची हैं। इनमें सबसे अधिक शिकायतें खाना या राशन नहीं मिलने की थी।
मुख्यमंत्री कार्यालय में सीएम विंडो का कार्यभार संभाल रहे ओएसडी भूपेश्वर दयाल के अनुसार सीएम विंडो बंद रही लेकिन मुख्यमंत्री कार्यालय को कुल 5629 शिकायतें मिली हैं। सीएम विंडो पर शिकायतें इसलिए दर्ज नहीं हो पाई, क्योंकि सभी सरकारी दफ्तर बंद थे और उनके निस्तारण की प्रक्रिया भी संभव नहीं थी। इसलिए लोगों ने सीधे मुख्यमंत्री के फेसबुक अकाउंट, ट्वीटर और मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों के वाट्सएप नंबर तथा फेसबुक आइडी पर अपनी समस्याएं सरकार को बताई हैं।
प्रदेश में लॉकडाउन के दौरान 1447 लोगों ने खाना या राशन नहीं मिलने की दिक्कत से सरकार को अवगत कराया है, जबकि 1248 लोग ऐसे थे, जिन्होंने अलग-अलग कारण बताते हुए आवागमन के लिए पास की अनुमति मांगी। भूपेश्वर दयाल के अनुसार पास मांगने के कारणों की पड़ताल करने के बाद नियम के अनुसार 24 घंटे के भीतर यह पास जारी हुए हैं। मेडिकल हेल्प के लिए 341 लोगों ने मुख्यमंत्री कार्यालय का दरवाजा खटखटाया है, जिन्हें तुरंत एक घंटे के भीतर इलाज दिलाने का दावा किया गया।
लॉकडाउन के दौरान स्कूलों की मनमानी के केस भी सामने आए हैं। 237 मामलों में स्कूल संचालकों ने कुछ कर्मचारियों को या तो नौकरी से निकाल दिया गया या फिर उन्हें वेतन नहीं दिया। अभिभावकों से फीस मांगने का दबाव बनाया गया। जिला शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से इन समस्याओं के समाधान की दिशा में सीएमओ ने कार्रवाई की है। कोरोना काल के दौरान 560 शिकायतें ऐसी आई हैं जिनमें कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल पाया। कुछ कर्मचारियों ने फैक्टरी संचालकों द्वारा अपने संस्थान से निकाले जाने की शिकायतें भी दर्ज कराई हैं।
लॉकडाउन के दौरान हरियाणा के सीएम कार्यालय में करीब 841 ऐसी शिकायतें आई हैं जिनमें लोगों ने अपने ही पड़ोसियों व जान पहचान के लोगों पर लॉकडाउन तोडऩे का आरोप लगाया। कार्रवाई के दौरान पता चला कि लॉकडाउन तोडऩे वाले और शिकायत करने वाले आपस में परिचित एवं पड़ोसी ही थे। इसी तरह 300 से ज्यादा शिकायतें उन डाक्टरों व अस्पतालों के विरूद्ध आई जिन्होंने कोरोना संभावित मरीजों को अपने यहां एडमिट नहीं किया और उनकी उचित देखभाल नहीं की।