चंडीगढ़। हरियाणा में कोरोना संक्रमण के मामले में कम्यूनिटी ट्रासमिशन की अटकलों के बीच सरकार ने ‘सेरो सर्वे’ करवाने का फैसला किया है। पहले चारण में एनसीआर के जिलों गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत व कोरोना के हॉट-स्पॉट में यह सर्वे होगा।
प्रदेश में कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। अब तक करीब आठ हजार कोरोना पॉजिटिव आ चुके हैं और सौ से अधिक मौत हो चुकी हैं। गुरुग्राम व फरीदाबाद केसों व डेथ के हिसाब से ‘रेड-जोन’ में जा चुके हैं। देश के कुछेक राज्यों ने ही इससे पहले यह सर्वे करवाने का फैसला लिया है। इसके जरिये कोरेाना से लडऩे के लिए शरीर में बनने वाली एंटी-बॉडी के तैयार होने का भी पता लगेगा।
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यह भी पता लग जाएगा कि कितने लोगों में कोरोना होकर जा चुका है। यानी बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी हैं, जिन्हें कोरोना तो हुआ लेकिन उन्हें पता भी नहीं लगा। पहले चरण में सर्वे एनसीआर में ही होगा। एनसीआर में भी डॉक्टर, नर्सिंग स्टॉफ, पैरा-मेडिकल स्टाफ पुलिस तथा अन्य फ्रंटलाइन वर्कर्स को जांच में प्राथमिकता दी जाएगी।
मानेसर आईएमटी स्थित साऊथ कोरिया की इस कंपनी ने हरियाणा को 25 हजार किट की सप्लाई दे भी दी थी। हरियाणा ने एक लाख का आर्डर दिया था। रैपिड टेस्ट वाली इन किट्स का प्रयोग पहले कोरोना पॉजिटिव मरीजों पर ही किया गया लेकिन नतीजे सही नहीं निकले।
हरियाणा चिकित्सा सेवा निगम के प्रबंध निदेशक डॉ.साकेत कुमार का कहना है कि प्रत्येक टेस्ट की जांच का पूरा खर्च सरकार उठाएगी। सर्वे में इस्तेमाल होने वाली टेस्ट किट आइसीएमआर-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वीरोलॉजी पुणे द्वारा विकसित की गई है।
देश के 83 हॉट-स्पॉट जिलों में करीब 26 हजार 400 से अधिक की जांच की गई। इनके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के अनुसार सेरो सर्वे में किसी खास इलाके में एक साथ कई लोगों के ब्लड सीरम टेस्ट होंगे। इससे पता चल सकेगा कि संक्रमण किस स्तर पर फैला है। इससे कम्यूनिटी स्प्रेड का भी पता लग जाएगा।