चंडीगढ़, 5 अक्टूबर (न्यूज अपडेट इंडिया )- हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड, भिवानी द्वारा प्रदेश में नैतिक शिक्षा विषय पर एक राज्य-स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा, जिसके तहत प्रथम चरण-विद्यालय स्तर, द्वितीय चरण-खण्ड स्तर, तृतीय चरण-जिला स्तर एवं चतुर्थ चरण-राज्य स्तर पर होगा।
यह जानकारी हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. जगबीर सिंह ने आज भिवानी में राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी व पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर आयोजित स्वच्छता अभियान के समापन अवसर पर दी। उन्होंने कहा कि नैतिकता मनुष्य का वह गुण है जो उसे देवत्व के समीप ले जाता है। यदि आरम्भ से ही नैतिकता न हो तो पशुता व मनुष्यता में कोई विशेष अन्तर नहीं रह जाता है। जिस प्रकार ईमारत की मजबूती उसकी नींव पर निर्भर करती है उसी प्रकार एक बच्चे के जीवन की सफलता उस द्वारा बचपन में सीखे गए नैतिक मूल्यों पर निर्भर करती है। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण-विद्यालय स्तर प्रतियोगिता का आयोजन 1 नवम्बर से 7 नवम्बर तक, द्वितीय चरण-खण्ड स्तर का आयोजन 15 नवम्बर से 21 नवम्बर तक, तृतीय चरण-जिला स्तर का आयोजन 1 दिसम्बर से 7 दिसम्बर एवं चतुर्थ चरण-राज्य स्तर का आयोजन 15 दिसम्बर से 22 दिसम्बर तक पर होगा तथा यह प्रतियोगिता बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्य-पुस्तकों के पाठ्यक्रम के आधार पर लिखित एवं मौखिक प्रश्रोत्तरी के रूप में होगी। बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि प्रथम चरण-विद्यालय स्तर में बोर्ड से सम्बद्धता प्राप्त प्रदेश के सभी सरकारी/गैर-सरकारी/सरकार से सहायता प्राप्त विद्यालयों के कक्षा 9वीं से 12वीं के सभी छात्रों की प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में कक्षा 9वीं से 12वीं के सभी छात्रों को भाग लेना एवं विद्यालयों को रिकार्ड रखना अनिवार्य है तथा बोर्ड द्वारा इसे कभी भी मंगवाया जा सकता है। इस प्रतियोगिता का आयोजन विद्यालय मुखिया की देख-रेख में प्रत्येक कक्षा के लिए अलग-अलग करवाई जायेगी, जिसके लिए प्रश्र-पत्र विद्यालय मुखिया के स्तर पर तैयार करवाए जाने हैं। उन्होंने बताया कि प्रत्येक कक्षा के प्रथम आने वाले छात्र अर्थात् कुल 04 छात्रों के नाम विद्यालय मुखिया द्वारा खण्ड शिक्षा अधिकारी को 10 नवम्बर को उपलब्ध करवाए जाने हैं। उन्होंने आगे बताया कि विद्यालय स्तर की प्रतियोगिता उपरांत प्रत्येक विद्यालय के कक्षा 9वीं से 12वीं के चयनित एक-एक छात्र द्वारा द्वितीय चरण-खण्ड स्तर की प्रतियोगिता में भाग लिया जाना है। यह प्रतियोगिता कुल 30 मिनट की एवं 30 बहुविकल्पीय प्रश्रों की होगी। इस प्रतियोगिता का आयोजन खण्ड शिक्षा अधिकारी की देख-रेख में प्रत्येक कक्षा के लिए अलग-अलग करवाई जायेगी। जिसके लिए प्रश्र-पत्र खण्ड शिक्षा अधिकारी के स्तर पर तैयार करवाए जाने हैं। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता उपरांत प्रत्येक कक्षा से मैरिट के आधार पर अधिकतम अंक प्राप्त करने वाले छात्रों में से प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले एक-एक छात्र (प्रत्येक कक्षा से दो विद्यार्थी) अर्थात् कुल 08 विद्यार्थियों का चयन तृतीय चरण-जिला स्तर की प्रतियोगिता हेतु चयन किया जाना है। उन्होंने बताया कि चयनित छात्रों के नाम खण्ड शिक्षा अधिकारी द्वारा 25 नवम्बर तक जिला शिक्षा अधिकारी को उपलब्ध करवाए जाएंगे। बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि तृतीय चरण-जिला स्तर में प्रत्येक खण्ड से चयनित 8 प्रतिभागियों की एक टीम भाग लेगी। इस प्रतियोगिता में जिला स्तर पर प्रथम स्थान पर आने वाली टीम राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेंगीं तथा प्रतियोगिता के लिए प्रश्रोत्तरी जिला शिक्षाधिकारी अपने स्तर पर तैयार करेंगे। उन्होंने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा प्रतियोगिता का परिणाम 12 दिसम्बर तक बोर्ड को उपलब्ध करवाया जाना है। प्रत्येक प्रतिभागी को प्रशस्ति-पत्र सम्बन्धित जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा प्रदान किया जाना है। उन्होंने बताया कि चतुर्थ चरण-राज्य स्तर में कक्षा 9वीं व 10वीं तथा कक्षा 11वीं व 12वीं की प्रतियोगिता का आयोजन अलग-अलग तिथियों में करवाया जायेगा। उन्होंने बताया कि राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन 15 दिसम्बर से 22 दिसम्बर के दौरान हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड, भिवानी में किया जाना है। उन्होंने बताया कि राज्य स्तर पर प्रत्येक कक्षा की प्रथम आने वाली टीम को बोर्ड कार्यालय द्वारा 11000 रुपये, द्वितीय आने वाली टीम को 5500 रुपये व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली टीम को 3100 रुपये की राशि इनाम स्वरूप प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त प्रत्येक प्रतिभागी को ट्रॉफी व प्रशस्ति-पत्र भी प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि कक्षा 9वीं से 12वीं के छात्रों के प्रमाण-पत्रों में भी नैतिक शिक्षा के ग्रेड अंकित करने बारे कार्रवाही चल रही है। बोर्ड अध्यक्ष ने राज्य के सभी जिला एवं खण्ड शिक्षा अधिकारियों/प्रधानाचार्यों/ मुख्याध्यापकों/अध्यापकों/अभिभावकों एवं विद्यार्थियों से पुरजोर अपील की कि वे सभी इस प्रतियोगिता के सफल आयोजन में अपना पूर्ण सहयोग दें। उन्होंने बताया कि अध्यापक बोर्ड द्वारा निर्धारित नैतिक शिक्षा की पुस्तकों से ही प्रतियोगिता की तैयारी करवाएं तथा विद्यार्थी बोर्ड की ही पुस्तकों को पढक़र प्रतियोगिता में प्रविष्ट हों।