चंडीगढ़। पिछले लंबे समय से लावारिस जानवरों की समस्या से जूझ रहे प्रदेश वासियों को अब इससे मुक्ति मिलेगी। सरकार ने किसी भी नए जानवर के पैदा होते ही उसकी टैगिंग करवाने का फैसला किया है। टैग लगा हुआ जानवर अगर कहीं भी मिला तो उसके मालिक को जुर्माना किया जाएगा।
हरियाणा में इस समय लगभग सभी प्रजातियों से संबंधित 70 लाख पशु हैं। आमतौर पर लोग दुधारू पशुओं को अधिक उम्र होने पर खुला छोड़ देते हैं। इनमें सबसे अधिक संख्या बछड़ों,बैलों तथा नर भैंसों की होती है। हरियाणा सरकार ने जन्म लेते ही पशुओं की टैगिंग करवाने का फैसला किया है। इस योजना के अनुसार पशुओं के जन्म और मृत्यु का रिकार्ड दर्ज किया जाएगा। पशु पालकों के लिए यह अनिवार्य होगा कि वह अपने यहां जन्म लेने वाले नए पशु का ब्यौरा विभाग के पास दर्ज करवाएंगे और पशु पालन विभाग के कर्मचारी उसे टैग लगाकर बकायदा नंबर जारी करेंगे।
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यह टैग पशु के कान में लगाया जाएगा। ऐसे में अगर कोई भी व्यक्ति अपने जानवर को छोड़ता है तो टैग के माध्यम से उसके मालिक का आसानी से पता लग जाएगा। इसके बाद विभाग द्वारा मालिक को जुर्माना किया जाएगा। हरियाणा के कृषि मंत्री जेपी दलाल ने बताया कि हरियाणा में लावारिस पशु लंबे समय से समस्या बने हुए हैं। आए दिन सडक़ हादसे हो रहे हैं और यह पशु किसानों की फसलों को भी उजाड़ रहे हैं। जिसके चलते सरकार ने इनकी टैगिंग करवाने का फैसला लिया है। इस योजना को अमली रूप देने के लिए विभागीय अधिकारियों द्वारा मंथन किया जा रहा है।