चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने बरोदा विधानसभा उपचुनाव से पहले बड़ा दांव खेलते हुए किसानों के हित में कई बड़ी घोषणाएं कर दी है। जिससे विपक्षी राजनीतिक दल सकते में आ गए हैं। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि वह बिना किसी देरी के इन घोषणाओं को अमली रूप दें। ऐसे में माना जा रहा है कि सरकार इन घोषणाओं को बरोदा उपचुनाव में भुना सकती है।
हरियाणा के विपक्षी राजनीतिक दल कांग्रेस व इनेलो पिछले कई माह से सरकार को किसानों के मुद्दे पर घेर रहे हैं। विपक्ष द्वारा मेरा पानी, मेरी विरासत योजना को लेकर भी सरकार को कटघरे में खड़ा किया जा रहा है। इस बीच किसान संगठन भी विपक्षी राजनीतिक दलों की मदद से सरकार के खिलाफ संघर्ष का बिगुल फूंकने का ऐलान कर चुके हैं।
ऐसे में मनोहर सरकार ने बुधवार को किसानों के हित में कई बड़ी घोषणाएं करके विपक्षी राजनीतिक दलों से बड़ा मुद्दा छीन लिया है। माना जा रहा है कि मनोहर सरकार ने किसान हित में यह बड़े फैसले बरोदा विधानसभा उपचुनाव को देखते हुए लिए हैं। बरोदा विधानसभा का कांग्रेस का हलका माना जाता है। यहां से पूर्व विधायक श्रीकृष्ण हुड्डा की हालत में मृत्यु होने के बाद यह सीट खाली हुई है। इस सीट पर सितंबर माह तक चुनाव प्रस्तावित हैं।
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भाजपा के लिए यह चुनाव बेहद अहम है। पिछले साल हुए चुनाव के दौरान बरोदा सीट पर भाजपा व जजपा ने अपने अलग-अलग प्रत्याशी खड़े किए थे। इसके अलावा कई अन्य राजनीतिक दलों ने भी बरोदा में अपने उम्मीदवार उतारे थे। तिकोणे मुकाबले में कांग्रेस ने यह सीट जीती थी। इस बार उपचुनाव में समीकरण बदले हुए हैं। भाजपा और जजपा एकजुट हैं। ऐसे में दोनों दल मिलकर यह चुनाव लड़ेंगे। जिसकी तैयारी अभी से शुरू हो चुकी है।