कोविड 19 के तेजी से बढ़ रहे मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग से करीब 11 हजार ठेका कर्मचारियों को पहली जुलाई को नौकरी से निकालने की तैयारी है। स्वास्थ्य विभाग की यह योजना सिरे चढ़ी तो स्थिति और भी भयावह बनने का खतरा पैदा हो सकता है। कोरोना योद्वा डाक्टरों के स्पोर्टिंग स्टाफ कहे जाने वाले इन अनुभव प्राप्त ठेका कर्मचारियों को महामारी के समय निकाल कर नए कर्मचारियों को लगाने से सरकार को दो तरफा विरोध का सामना करना पड़ सकता है। इस निर्णय से जहां एक तरफ सरकार को छंटनी होने वाले 11 हजार कर्मचारियों के तीखे विरोध को झेलना पड़ेगा, वहीं दूसरी ओर अनुभवहीन नए कर्मचारियों को कोविड 19 से संक्रमित होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
स्वास्थ्य विभाग में नियमित स्टाफ की भारी कमी के चलते करीब 11 हजार ठेका कर्मचारियों को पिछले 6- 7 साल से डीसी रेट पर लगाया हुआ है। इनमें करीब 8 हजार ठेका कर्मचारी पीएचसी, सीएचसी व सामान्य अस्पतालों में तैनात हैं और करीब तीन हजार कर्मचारी पीजीआइएमएस तथा मेडिकल कॉलेजों में तैनात हैं। इन 11 हजार कर्मचारियों में करीब 3200 सिक्योरटी गार्ड है, जिनको सरकार पहली जुलाई को निकाल करहोमगार्ड को लगाने का फैसला कर चुकी हैं। बाकी ठेका कर्मचारी में सफाई कर्मचारी, वार्ड सरवेंट, प्लंबर, माली, धोबी, लिफ्टमैन, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, इलेक्ट्रीशियन व कंप्यूटर आपरेटर के पदों पर कार्यरत हैं। इन ठेका कर्मचारियों को इतना अनुभव हो चुका है कि अब यह अपने पद के विशेषज्ञ बन गए हैं। इनको निकालने से विभाग को भारी परेशानियां पैदा हो सकती हैं।
(SUBHEAD)
स्वास्थ्य महानिदेशक ने अपने पत्रांक (डीजीएचएस)2020/353-274 दिनांक 30.4.2015 को प्रदेश के सभी सिविल सर्जन को पत्र लिखकर सिक्योरिटी गार्ड को छोड़कर बाकी सभी स्पोर्टिंग स्टाफ यानी ठेके पर लगे कर्मचारियों के स्थान पर नए सिरे से भर्ती करने के लिए 27 फरवरी2020 को नई भर्ती के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू करने के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके बाद सभी सिविल सर्जन द्वारा आगामी कार्यवाही भी शुरू की जा चुकी है।
सर्व कर्मचारी महासंघ हरियाणा के अध्यक्ष सुभाष लांबा के अनुसार स्वास्थ्य महानिदेशक ने 13 मई 2020 को कमांडेंट जरनल होमगार्ड एंड डायरेक्टर सिविल डिफेंस हरियाणा को पत्र लिखकर विभाग में तैनात करीब 3200 सिक्योरिटी गार्ड की जगह होमगार्ड को तैनात करने को भी कहा है। उन्होंने इस पत्र के जबाव में 19 मई2020 को स्वास्थ्य महानिदेशक को पत्र लिखकर एक जुलाई से वर्षों से तैनात सिक्योरिटी गार्ड की जगह 3200 होमगार्ड को लगाने की स्वीकृति दे दी है। सरकार एवं स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देश पर विभाग द्वारा की गई इस कार्रवाई से बिल्कुल स्पष्ट है कि विभाग से करीब 11 हजार ठेका कर्मचारियों को नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा। इस बात की पुष्टि स्वंम स्वास्थ्य मंत्री ने सात जून को उनके आवास पर छंटनी रोकने का ज्ञापन देने गए ठेका कर्मचारियों से सामने की।
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा से संबंधित एंव सीटू समर्थित स्वास्थ्य ठेका कर्मचारी यूनियन ने इस छंटनी के खिलाफ आंदोलन का बिगुल बजा दिया है। कर्मचारी तीन जून को सभी पीएचसी, सीएचसी व सामान्य अस्पतालों और सात जून को सभी सामान्य अस्पतालों में प्रर्दशन कर स्वास्थ्य मंत्री को संबोधित ज्ञापन सिविल सर्जन व उपायुक्तों को सौंप चुके हैं। आंदोलन की अगली कड़ी में 11 से 22 जून तक छंटनी के खिलाफ सभी विधायकों व सांसदों को ज्ञापन दिए जाएंगे। इसके बावजूद विभाग छंटनी करने की जिद पर अड़ा रहा तो 23 जून से सभी 11 हजार कर्मचारी काम बंद कर सामान्य अस्पतालों, पीजीआईएमएस व मेडिकल कॉलेज में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ जाएंगे। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के अध्यक्ष सुभाष लांबा नेकोरोना की आड़ में सरकार के इस कदम को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने बताया कि संघ ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए शीध्र हस्तक्षेप करने की मांग की है।