कोरोना के चलते हरियाणा के विश्वविद्यालयों में शोध कार्य पूरी तरह से ठप हो गए हैं। हजारों शोधार्थियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इन विद्यार्थियों की समस्याओं तथा विश्वविद्यालयों को फिर से खुलवाने की मांग को लेकर हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला मंगलवार को हरियाणा के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य से मुलाकात करने पहुंचे।
राज्यपाल से मुलाकात के बाद दुष्यंत चौटाला ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि लॉकडाउन के दौरान हरियाणा के विश्वविद्यालयों में पोस्ट ग्रेजुएट तथा पीएचडी शोधार्थियों की शोध अधर में लटक गई है। पीएचडी शोधार्थियों के भविष्य को देखते हुए विश्वविद्यालयों को खोलना जरूरी है। क्योंकि इस समय रिसर्च प्रोजेक्ट बंद पड़े हंै। दुष्यंत ने बताया कि इन छात्रों को दोबारा यूनिवर्सिटी में कैसे लाया जाए और कैसे इनका रिसर्च वर्क दोबारा शुरू किया जाए इसी विषय को लेकर हरियाणा के सभी विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति एवं राज्यपाल के साथ मुलाकात हुई है।
उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर प्रदेश सरकार की तरफ से एक प्रोग्राम केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। जिसके बाद एक जुलाई से लागू होने वाली अनलॉक की नई गाइडलाइन लागू होगी उसके माध्यम से इस समस्या का समाधान हो सकता है। इनेलो नेता अभय चौटाला के बयानों पर टिप्पणी करते हुए दुष्यंत चौटाला ने कहा कि ऐसे लोग जिन्हें इनेलो सुप्रीमों काली भेड कहते थे जो उनके लिए अपशब्द बोलते थे वे उन्हे आज अपनी पार्टी में जोड़ रहे हंै तो इनेलो अपने इतिहास को देखे और फिर कोई फैसला ले।
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बरौदा उपचुनाव पर मिलकर लेंगे फैसला
हरियाणा की बरौदा विधानसभा सीट के लिए होने वाले उपचुनाव के मुद्दे पर बोलते हुए दुष्यंत चौटाला ने कहा कि पूर्व उपप्रधानमंत्री स्वर्गीय ताऊ देवीलाल की सोच की मजबूी बरौदा में देखने को मिली है। अभी चुनाव की घोषणा नहीं हुई है। भाजपा और जजपा का शीर्ष नेतृत्व बैठकर इस बारे में आम सहमति के साथ फैसला लेगा। आम सहमति के साथ गठबंधन जो फैसला करेगा जजपा के कार्यकर्ता उसपर अमल करेंगे।