कोरोना महामारी के चलते विश्वविद्यालयों में बिना परीक्षाओं के छात्रों को प्रोमोट करने के मामले को लेकर दायर की गई याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को सात दिनों के अंदर फैसला लेने के निर्देश दिए है। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओ को हरियाणा सरकार, एमडीयू रोहतक-कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र-सीडीएलयू सिरसा के उपकुलपतियों को 2 दिनों के भीतर अपनी मांग रखने के लिए कहा है। कोर्ट ने मांग रखने के बाद राज्य सरकार व विश्वविद्यालयो को 7 दिनों के भीतर मामले पर निर्णय लेने के सख्त निर्देश दिए है। सरकार ने न्यायलय के समक्ष अंडरटेकिंग भी दी है कि सात दिनों के भीतर निर्णय ले लिया जाएगा।
कोरोना महामारी के चलते बिना परीक्षाओं के छात्रों को प्रोमोट करने के लिए एनएसयूआई के ऋतु रानी, गुलशन,अजय कुमार व सचिन द्वारा विभिन्न याचिकाओं के माध्यम से हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया। याचिका में कहा गया कि परीक्षाओं के संदर्भ में राज्य सरकार व विश्वविद्यालयों का स्टैंड स्पष्ट न होने के कारण छात्र असमंजस की स्थिति में हंै। याचियों ने गुहार लगाई कि सेमेस्टर शुरू होते ही लॉकडाउन हो गया जिसकारण उनका सिलेबस भी अभी अधूरा है, अनेकों छात्र अन्य प्रदेशों से आते है ऐसे में उनके लिए भी कोई नीति व योजना नही है,राज्य सरकार व विश्वविद्यालयों द्वारा यह साफ नही किया गया कि परीक्षाएं किस माध्यम से ली जाएगी।
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यदि ऑनलाइन ली जानी है तो क्या वाइवा के आधार पर नंबर लगाए जाएंगे या इंटरनेट के माध्यम से परीक्षाए ली जाएगी। जबकि छात्रों का कहना है कि अधिकतर छात्रों के पास लेपटॉप कंप्यूटर तक नहीं है व न ही ऑनलाइन परीक्षाओं के लिए कोई तैयारी है।
हरियाणा में छात्रों की परीक्षाओं के सम्बंध में विश्वविद्यालय द्वारा एक अधिसूचना 21 मई 2020 को जारी की गई जिसमें कहा गया कि 1 जुलाई 2020 से परीक्षाए होंगी जबकि केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार इस मामले को लेकर फेज 2 यानी जुलाई में स्थिति का आंकलन करने का निर्णय लिया जाना था तो वही यूजीसी ने भी स्पष्ट किया है कि इस मामले को लेकर विश्वविद्यालय छात्रों के अभिभावकों व अन्य स्टेकहोल्डर्स को विश्वास में लेकर निर्णय लेंगे मगर इस मामले में अभी तक असंमजस की स्थिति है।
एनएसयूआई हरियाणा के अध्यक्ष दिव्यांशु बुद्धिराजा ने कहा कि छात्रों के जीवन से खिलवाड़ नही होने दिया जाएगा और जब तक राज्य सरकार स्थिति स्पष्ट नही करती व राज्य में हालातो को देखकर कोई ठोस निर्णय छात्रहित में नही लेती तब तक एनएसयूआई के प्रयास जारी रहेंगे। मंगलवार को हाईकोर्ट ने मामले को सुनते हुए याचियों को हरियाणा सरकार, एमडीयू रोहतक, कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय,सीडीएलयू सिरसा के उपकुलपतियो को दो दिनों के भीतर अपनी मांग रखने के लिए कहा है जिसके पश्चात राज्य सरकार व विश्वविद्यालयों को 7 दिनों के भीतर मामले पर निर्णय लेने के निर्देश दिए गए हंै।