गुरुग्राम। यह सच है कि कोरोना फैल रहा है और इसे हम सबको मिलकर रोकना है। मगर कोरोना के साथ-साथ समाज में फैलती नफरत को भी हमें ही रोकना है। चाहे जातियों की बात हो या समुदायों की, हमें किसी के साथ द्वेष नहीं बल्कि भाईचारा बनाकर रिश्तों को मजबूती देनी है। कोरोना काल ने हमें यही सिखाया है कि हम हर किसी से मिल-जुलकर रहें। जीवन यही है।
एनसीआर की अनेक संस्थाओं से समाजसेवा के क्षेत्र में सम्मानित हो चुके मनजीत ठाकुर ने कहा कि इस महामारी के समय में हमें अपने आसपास रहने वाले लोगों का भी ख्याल रखना चाहिए। कोई अमीर कोई गरीब हो सकता है। ऐसे में किसी भी घर में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। सभी को समय पर भोजन आदि मिले, इस समय में यही जरूरी है। हम सबको बढ़-चढ़कर लोगों की मदद करनी चाहिए। मिल-जुलकर रहना चाहिए। हिन्दु हो या मुसलमान, एक-दूसरे को मोहब्बत का दें पैगाम। क्योंकि धर्म कोई भी हो, प्यार और मोहब्बत के साथ रहने, जीने की ही प्रेरणा देता है।
कोरोना महामारी में हम सबने यह देखा भी है कि बिना किसी की जाति-धर्म पूछे सभी ने एक-दूसरे की सेवा की है। जो लोग यहां से पलायन कर रहे थे, उनमें किसी की जाति-धर्म नहीं थी, बल्कि उनके लिए भूख और जीवन सबसे बड़ी जाति, धर्म था। उन्होंने कहा कि आगे भी वे वंचितों की सेवा करते रहेंगे। यह हमारी संस्कृति और संस्कार हैं।