संजय कुमार मेहरा
गुरुग्राम। मानेसर स्थित कर्मचारी राज्य बीमा निगम अस्पताल में एक महिला मरीज और एक सफाईकर्मी महिला की वजह से कईयों को कोरोना हो गया है। इसमें डॉक्टर, नर्स व अन्य कर्मचारी शामिल हैं। यहां पर स्टाफ के लिए पुख्ता प्रबंध नहीं है। इसलिए यहां पर पॉजिटिव केस आ रहे हैं। कई दिनों से मांग भी की जा रही है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।
स्टाफ का कहना है कि अगर यही हाल रहा तो जल्द ही पूरा अस्पताल ही कोरोना पॉजिटिव हो जाएगा। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक कुछ सदस्यों के गत 2 जून को सेंपल लिए गए थे, जिसमें से 4 लोग पॉजिटिव आए हैं। इनमें एक डॉक्टर, एक नर्सिंग स्टाफ, एक सफाईकर्मी और एक महिला मरीज है। बताया जा रहा है कि यहां महिला की नॉर्मल डिलीवरी हुई थी और डिलीवरी के दो दिन तक वार्ड में उसे रखा गया। अब उसे छुट्टी दे दी गई है। पता चला है कि वह महिला कोरोना पॉजिटिव थी। इसी तरह से यहां कल एक महिला सफाई कर्मचारी के माध्यम से हुआ। वह 2 जून से लगातार काम पर थी। शुक्रवार की सुबह भी वह ड्यूटी करके गई। शाम को पता चला कि वो भी पॉजिटिव थी। उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। उसके माध्यम से यहां ईएसआई में कोरोना बहुत फैला होगा। यह बड़ा सवाल है। स्टाफ का आरोप है कि अस्पताल के अधिकारी इस पर कुछ नहीं कर रहे। नहीं तो सेंपल लेने के बाद स्टाफ हो या आम आदमी, उसे क्वारंटाइन किया जाना चाहिए।
नर्सेज वेल्फेयर एसोसिएशन ने उठाई ये मांगें
जब पानी सिर से ऊपर चला गया तो ईएसआईसी नर्सेज वेल्फेयर एसोसिएशन हरियाणा की ईएसआईसी इकाई आगे आई। एसोसिएशन की ओर से ईएसआईसी के चिकित्सा अधीक्षक को लिखित में शिकायत देकर कोविड 19 से संबंधित समस्याओं के समाधान करने को कहा गया है। पत्र में मांग की गई है कि कम से कम स्टाफ को ड्यूटी पर बुलाया जाए, जिससे कि स्टाफ में संक्रमण की दर कम रखी जा सके। भविष्य के लिए स्वास्थ्य सेवाएं बाधित ना हों, निरंतर बनी रहे। अगर पूरा स्टाफ ही पॉजिटिव होकर आईसोलेट हो गया तो फिर अस्पताल कैसे चलेगा। अस्पताल में एक आईसोलेशन वार्ड तैयार करने को भी कहा गया है, जिसमें सभी प्री-ऑप्रेशन तथा सभी विभागों के संदिगध मरीजों को रखा जाए। कोरोना की जांच के बाद ही उन्हें संबंधित विभागों में भेजा जाए। आईसोलेशन वार्ड के लिए अलग से हाउस कीपिंग तथा सुरक्षा गार्ड की तैनाती हो। सभी वार्डों में सुरक्षा गार्ड लगाए जाएं। जिससे कि सोशल डिस्टेंस का पालन हो सके।
मास्क व पीपीई की हो समुचित व्यवस्था
वार्ड में काम करने वाले सभी स्टाफ के लिए एन-95 मास्क, पीपीई किट तथा अन्य आवश्यक चिकित्सा सामान की आपूर्ति पूरी तरह से सुनिश्चित की जाए। अगर कोई स्टाफ पॉजिटिव आता है तो उसे अस्पताल में भर्ती करने के लिए क्वारंटाइन की उचित व्यवस्था की जाए। साथ ही उसके परिवार के सदस्यों की भी तुरंत जांच हो। मरीज तथा स्टाफ पॉजिटिव आने के बाद बिना किसी देरी के उसकी जगह को सेनिटाइज करवाया जाए। इस गर्मी को ध्यान में रखते हुए एसी बंद होने के कारण तथा सेफ्टी वीयर पहनने के कारण तबियत खराब होने की संभावना बनी रहती है। जिससे कार्य क्षमता में कमी आ सकती है। इसलिए एसी की उचित व्यवस्था हो, ताकि स्टाफ बिना परेशानी के मरीजों की सेवा में काम कर सके।