संजय कुमार मेहरा
रोहतक (हरियाणा)। मार्किट कमेटी हिसार के सचिव एवं कार्यकारी अधिकारी सुल्तान सिंह के साथ भाजपा नेत्री एवं आदमपुर विधानसभा सीट से चुनाव हार चुकी सोनाली फौगाट द्वारा की गई बदसलूकी, मारपीट, गाली-गलौच के विरोध में शनिवार को प्रदेशभर में मार्किट कमेटियों के अधिकारियों, कर्मचारियों में उबाल रहा। सभी ने एक स्वर में प्रशासन, सरकार से मांग की है कि अधिकारी के साथ इस तरह का दुव्र्यवहार करने वाली भाजपा नेत्री के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। अन्य जिलों की तरह रोहतक जिला में भी जिला की सभी कमेटियों के अधिकारियों ने रोष जुलूस निकाला। मांग की गई कि सोनाली फौगाट की गिरफ्तारी की जाए।
रोहतक मार्किट कमेटी के सचिव दीपक लोहचब की अगुवाई में इस विरोध जुलूस के बाद मुख्यमंत्री, गृह मंत्री के नाम अतिरिक्त उपायुक्त को ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन में भी सभी अधिकारियों, कर्मचारियों ने पुरजोर तरीके से मांग की है कि जिस तरह की घटना कल हिसार के बालसमंद में हुई है, उससे अधिकारियों, कर्मचारियों में रोष होने के साथ-साथ असुरक्षा की भावना पैदा हो गई है। सत्ताधारी पार्टी की नेत्री सोनाली फौगाट द्वारा एक सरकारी अधिकारी के काम में बाधा डालना ही नहीं बल्कि उन्हें थप्पड़, चप्पलों से मारना किसी भी तरह से सही नहीं ठहराया जा सकता। इस मौके पर शिव कुमार राठी सहायक सचिव, बसंत कुमार सहायक सचिव कलानौर, राजीव कुमार अकाउंटेंट, धर्मराज दांगी सचिव, श्रीमती सविता सैनी सचिव सांपला, समस्त जिला रोहतक की मार्केट कमेटियां के स्टाफ, अधिकारियों ने मुख्यमंत्री, गृह मंत्री के नाम एडीसी को ज्ञापन सौंपा।
रोहतक मार्किट कमेटी के सचिव दीपक लोहचब ने कहा कि फसली सीजन में इस तरह की घटना ने प्रदेशभर की मार्केट कमेटियों में असंतोष पैदा कर दिया है। जिस चुनावी हार का बदला लेने के लिए सोनाली फौगाट ने अधिकारी के साथ मारपीट की जो व्यूह रचना रची, वह भी किसी तरह से जायज नहीं कही जा सकती। क्योंकि खुद मुख्यमंत्री ने आदेश जारी कर रखे हैं कि मंडियों में कोरोना काल के दौरान कोई भी नेता, मंत्री दौरा नहीं करेंगे। ऐसे में सोनाली फौगाट का बालसमंद की मंडी में पहुंचना यही साबित करता है कि वह अपनी मारपीट की मंशा को लेकर ही वहां पर पहुंची थी। जिस शेड को बनाने के लिए सोनाली फौगाट बात कर रही थी, उसकी आज तक कोई डिमांड ही मार्किट कमेटी तक नहीं पहुंची।
सभी अधिकारियों, कर्मचारियों की ओर से दिए गए ज्ञापन में मुख्य रूप से चार मांगों को शामिल किया गया है। सबसे पहली तो यही कि बिना किसी देरी के सोनाली फौगाट की गिरफ्तारी हो, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृति ना हो। दूसरी यह कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी के खिलाफ भी कार्रवाई हो, जिनके सामने ही सोनाली फौगाट ने अधिकारी को पीटा। तीसरी मांग है कि हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के मुख्य प्रशासक की अध्यक्षता में कमेटी गठित करके मामले की जांच की जाए। चौथी मांग है कि भविष्य में कोई नेता, अतिथि मार्केट कमेटियों, जिला एवं बोर्ड मुख्यालयों में किसी भी कार्य के लिए दौरा करना चाहते हैं तो उनके लिए नियम बनाए जाएं। वे अपने आने का कारण बताएं। चाहे कोई शिकायत भी हो तो उसे भी बताएं। अगर सरकार इन मांगों को पूरा नहीं करती है तो ऐसे भय के माहौल में कमेटी का कोई अधिकारी, कर्मचारी काम नहीं कर पाएगा। सोमवार से सामूहिक हड़ताल पर जाने की बात भी सचिव लोहचब ने कही। हड़ताल पर जाने के बाद भी किसी भी किसान की फसल की खरीद-फरोख्त बाधित नहीं होने देंगे।