डीएलसीसुपवा में टेक्सटाइल डिजाइन के चौथे सेमेस्टर की ज्यूरी में छात्रों के प्रदर्शित काम की जानकारी लेते एक्सपर्ट।
22 मई 2026, रोहतक। दादा लख्मी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स (डीएलसीसुपवा) में इन दिनों डिजाइन फैकेल्टी के तहत विभिन्न डिपार्टमेंट में पढ़ने वाले छात्रों की ज्यूरी चल रही है। इसमें छात्रों ने अपने द्वारा तैयार उत्पादों को प्रदर्शित किया है। जिनका मूल्यांकन करने के लिए एक्सटर्नल एक्सपर्ट्स यूनविर्सिटी पहुंच रहे हैं, जो लगातार छात्रों द्वारा प्रदर्शित डिजाइनों की सराहना कर रहे हैं।
- फैकेल्टी ऑफ डिजाइन के छात्रों की चल रही ज्यूरी
- छात्रों की मेहनत, रचनात्मकता व आत्मविश्वास आ रहा नजर
फैकेल्टी ऑफ डिजाइन की एफसी डॉ शैली खन्ना ने बताया कि टेक्सटाइल डिजाइन के चौथे सेमेस्टर के छात्रों ने अपनी रचनात्मकता, तकनीकी विशेषज्ञता व सेमेस्टर भर की सीख को नवोन्मेषी डिजाइन अवधारणाओं, कपड़े की खोजों, डिजिटल रचनाओं, बुनाई पैटर्न व टेक्सटाइल सतह उपचारों के माध्यम से प्रदर्शित किया है। ज्यूरी सदस्यों ने छात्रों के समर्पण, आत्मविश्वास और उभरते डिज़ाइनरों के रूप में उनकी प्रतिभा की सराहना की।
डीएलसीसुपवा में प्रोडक्ट डिजाइन के द्वितीय वर्ष की ज्यूरी में प्रदर्शित अपने काम के साथ छात्र एवं एक्सपर्ट।
उन्होंने बताया कि प्रोडक्ट डिजाइन के द्वितीय वर्ष के छात्रों ने फॉर्म अन्वेषण, प्रोडक्ट डिटेलिंग, डिजिटल कार्य, हाथ से प्रोडक्ट विकास अभ्यास व रचनात्मक डिजाइन प्रक्रियाओं के माध्यम से अपने काम को दिखाया। उनकी प्रस्तुतियों में आत्मविश्वास, संचार कौशल व व्यावहारिक डिजाइन समझ भी नजर आई। ज्यूरी सदस्यों ने उनके परिश्रम, रचनात्मकता व भविष्य के डिज़ाइनरों के रूप में रेखांकित किया।
डीएलसीसुपवा में प्रोडक्ट डिजाइन के छठे सेमेस्टर की ज्यूरी में छात्र से प्रदर्शित काम की जानकारी लेते एक्सपर्ट।
एफसी डॉ शैली खन्ना ने बताया कि प्रोडक्ट डिजाइन के छठे सेमेस्टर के छात्रों ने सृजनात्मकता, अनुसंधान व नवाचार का प्रेरणादायक प्रदर्शन किया। छात्रों ने पैकेजिंग डिजाइन, मानव आराम डिजाइन, ब्रांड अध्ययन, डिजाइन नवाचार, संचार डिजाइन, क्राफ्ट डॉक्यूमेंटेशन, डिजाइन अध्ययन व इन्फोग्राफिक एवं दृश्य प्रस्तुति में अपने अन्वेषण प्रस्तुत किए। ज्यूरी सदस्यों ने उनके विचारों को कार्यात्मक, अर्थपूर्ण व उपयोगकर्ता केंद्रित डिजाइन समाधानों में बदलने वाला बताया।
डीएलसीसुपवा में फैशन डिजाइन के चौथे सेमेस्टर की ज्यूरी में स्वयं द्वारा डिजाइन किए गए परिधान दिखाते छात्र-छात्राएं।
उन्होंने बताया कि फैशन डिजाइन के चौथे सेमेस्टर के छात्रों ने पैटर्न मेकिंग व गारमेंट कंस्ट्रक्शन पर फोकस किया। इसके तहत तकनीकी टेक्सटाइल, आधुनिक फैशन इलस्ट्रेशन, ट्रेंड और फोरकास्टिंग, ऐतिहासिक डिजाइन फैशन प्रोजेक्ट, फैशन स्टाइलिंग के लिए कलर एनालिसिस, बिजनेस रिसर्च कम्युनिकेशन व एडवांस्ड सॉफ्ट स्किल्स पर जोर दिया। इनके माध्यम से फैशन नवाचार, तकनीकी विशेषज्ञता व दृश्य कहानी कहने का प्रेरणादायक मिश्रण प्रस्तुत किया। ज्यूरी सदस्यों ने कहा कि यह शोकेस उनकी गारमेंट विकास, स्टाइलिंग, ट्रेंड रिसर्च, संचार व पेशेवर प्रस्तुति में सीख को दर्शाता है, जो उन्हें आत्मविश्वासी व भविष्य के लिए तैयार हो रहे डिजाइनर के रूप में ढालने में मदद करेगा।