रोहतक, 15 मई 2026 रोहतक में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता नवीन जयहिंद ने प्रधानमंत्री की हालिया अपीलों का समर्थन करते हुए कहा कि यदि देशहित में आम जनता से त्याग और जिम्मेदारी निभाने की अपेक्षा की जा रही है, तो देश के नेताओं, मंत्रियों, विधायकों, सांसदों और देश के चारों स्तंभों — विधायिका, न्यायपालिका, कार्यपालिका और मीडिया — को भी आगे आकर उदाहरण पेश करना चाहिए।
“नेता सिर्फ रीलबाजी ना करे अगर देशभक्ति दिखानी है तो एक साल की सैलरी-पेंशन दान करो।”— नवीन जयहिंद
“कोई नेता साइकिल मोटरसाइकल बस रेल पर चल रहा है और पीछे 10 गाड़ियां चल रही हैं, ये देशभक्ति नहीं रीलबाजी है।”— नवीन जयहिंद
“देश के लिए आम जनता सब कुछ छोड़ दे और नेता सिर्फ वीडियो बनाएं — ये नहीं चलेगा।”— नवीन जयहिंद
जयहिंद ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा देशवासियों से एक साल तक सोना न खरीदने, विदेशों में शादियां न करने, स्वदेशी अपनाने, पेट्रोल-डीजल का कम उपयोग करने और “वर्क फ्रॉम होम” अपनाने जैसी अपीलें की गई हैं। उन्होंने कहा कि वे स्वयं इन अपीलों का पालन कर रहे हैं और पेट्रोल-डीजल की बचत का संदेश देने के लिए घोड़ी पर बैठकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहुंचे। प्रेस वार्ता के दौरान जयहिंद ने मुख्यमंत्री, मंत्रियों, सांसदों और विधायकों से अपनी एक साल की सैलरी और पेंशन देशहित में दान करने की मांग की। उन्होंने कहा कि त्याग केवल आम जनता के भरोसे नहीं छोड़ा जाना चाहिए।
"मैं एक साल तक सोना नहीं ख़रीदूँगा शादी नहीं करूँगा तेल नहीं खाऊँगा" -जयहिंद
"PM अपनी सुरक्षा से खिलवाड़ ना करे"- नवीन जयहिंद
"नेता गर्मियों की छूटी बॉर्डर पे फ़ौजियों के साथ मनाए"-नवीन जयहिंद
उन्होंने कहा, “अगर नेता अपनी सैलरी और पेंशन दान करते हैं, तो मैं भी प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री राहत कोष में एक लाख रुपये देने के लिए तैयार हूं।” मीडिया को संबोधित करते हुए जयहिंद ने कहा कि केवल एक दिन की रीलें और प्रचार दिखाने के बजाय पूरे साल यह देखा जाना चाहिए कि कौन नेता वास्तव में सादगी अपना रहा है और कौन सिर्फ कैमरों के सामने दिखावा कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि देश किसी संकट से गुजर रहा है, तो सरकार को जनता को उसकी सच्चाई बतानी चाहिए, क्योंकि देश के लोग हमेशा त्याग और सहयोग के लिए तैयार रहते हैं।
“वर्क फ्रॉम होम” के मुद्दे पर जयहिंद ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को घर से काम करने की सलाह दी जा रही है, तो सरकारी कर्मचारियों को भी यह सुविधा मिलनी चाहिए, ताकि ट्रैफिक और पेट्रोल-डीजल की खपत कम हो सके। अंत में उन्होंने कहा कि देशभक्ति केवल सोशल मीडिया की रीलों से साबित नहीं होती। यदि नेता जनता से त्याग की अपेक्षा करते हैं, तो उन्हें स्वयं भी त्याग करके उदाहरण पेश करना चाहिए।