चंडीगढ़। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने भाजपा सरकार पर हरियाणा के युवाओं के हक छीनने का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य की भर्ती नीतियां बाहरी उम्मीदवारों को फायदा पहुंचाने वाली बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार हरियाणवी युवाओं को अयोग्य बताकर सरकारी नौकरियों से दूर कर रही है, जबकि बाहर के उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जा रही है।
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार की गलत नीतियों के कारण प्रदेश के लाखों शिक्षित युवा बेरोजगारी और पलायन का सामना कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई सरकारी भर्तियों में जानबूझकर पद खाली छोड़े जा रहे हैं और योग्य हरियाणवी युवाओं के साथ अन्याय किया जा रहा है।
उन्होंने हाल ही में जारी असिस्टैंट प्रोफेसर (साइकोलॉजी) भर्ती का उदाहरण देते हुए कहा कि 85 पदों में से सामान्य वर्ग के 44 पदों पर केवल 2 उम्मीदवारों को योग्य घोषित किया गया, जबकि SC, BCA, BCB और EWS वर्ग के कई पद खाली छोड़ दिए गए।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने दावा किया कि पिछले वर्षों की कई भर्तियों में बड़ी संख्या में बाहरी राज्यों के उम्मीदवारों का चयन हुआ है। उन्होंने टॉवर यूटिलिटीज असिस्टैंट इंजीनियर, सिंचाई विभाग, AMO, सिविल जज, तकनीकी शिक्षा विभाग, HCS और बिजली विभाग की भर्तियों का हवाला देते हुए कहा कि हरियाणा के युवाओं के साथ लगातार भेदभाव किया गया।
उन्होंने भाजपा सरकार पर भर्ती घोटालों और पेपर लीक मामलों को लेकर भी निशाना साधते हुए कहा कि पिछले कई वर्षों में चपरासी से लेकर जज तक की भर्ती परीक्षाएं विवादों में रही हैं। उन्होंने NEET परीक्षा विवाद में हरियाणा का नाम आने को भी गंभीर विषय बताया।
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हरियाणा के युवाओं के रोजगार, सम्मान और अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ती रहेगी तथा सरकारी नौकरियों में हरियाणवियों के हक की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी।