चंडीगढ़ , 12 मई - महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) रोहतक के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूआईईटी) के पीएचडी शोधार्थी अनमोल ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उनका शोध-पत्र प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय जर्नल स्प्रिंगर नेचर स्विट्ज़रलैंड एआई एंड एथिक्स में प्रकाशित हुआ है। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय के शोध और नवाचार वातावरण के लिए गर्व का विषय है।
एआई को सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने पर किया काम
यह शोध कार्य यूआईईटी की प्राध्यापिका डॉ. छवि राणा के निर्देशन में पूरा किया गया। शोध में भविष्य की ऑटोनोमस एआई सिस्टम्स यानी स्वायत्त एआई प्रणालियों की भूमिका, चुनौतियों और नैतिक पहलुओं पर विस्तार से अध्ययन किया गया है। शोध के अनुसार आने वाले समय में एआई आधारित सिस्टम स्वास्थ्य सेवाओं, बैंकिंग और वित्तीय प्रणाली, साइबर सुरक्षा, शिक्षा तथा सरकारी व्यवस्थाओं में अहम भूमिका निभाएंगे। ऐसे में इन तकनीकों के लिए मजबूत नैतिक और नियामक ढांचा विकसित करना बेहद जरूरी होगा, ताकि एआई का उपयोग सुरक्षित, पारदर्शी और मानव हितों के अनुरूप किया जा सके।