चंडीगढ़, 21 अप्रैल। हरियाणा में साइबर अपराधों पर रोक लगाने के लिए डबल ओटीपी/ड्यूल ऑथेंटिकेशन प्रणाली को लेकर पुलिस मुख्यालय में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में इस पहल की प्रगति की समीक्षा करते हुए इसे पूरे राज्य में लागू करने की रणनीति पर चर्चा हुई।
पायलट प्रोजेक्ट के रूप में गुरुग्राम और पंचकूला में लागू की गई इस प्रणाली को सफल पाया गया है। यह पहल HDFC Bank के सहयोग से शुरू की गई थी, जिसमें देश के कई प्रमुख बैंकों ने भी भागीदारी दिखाई। डबल ओटीपी प्रणाली के तहत लेन-देन के दौरान दो स्तर पर सत्यापन किया जाता है—पहला ओटीपी खाताधारक के मोबाइल पर और दूसरा उसके द्वारा नामित विश्वसनीय व्यक्ति के पास भेजा जाता है। इससे विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों को साइबर ठगी से बचाने में मदद मिलेगी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह प्रणाली “डिजिटल अरेस्ट”, फर्जी निवेश योजनाओं और इम्पर्सोनेशन जैसे मामलों को रोकने में प्रभावी साबित होगी। अधिकारियों ने जनता, खासकर वरिष्ठ नागरिकों से अपील की है कि वे इस सुविधा को अपने बैंक खातों में सक्रिय करवाएं और किसी भी संदिग्ध कॉल या दबाव की स्थिति में तुरंत पुलिस से संपर्क करें।