रोहतक, 18 अप्रैल : पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए बीजेपी सरकार को आईना दिखाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का मकसद सिर्फ और सिर्फ मुद्दों को भटकाना है। वह किसानों, युवाओं तथा महिलाओं के मुद्दों पर जनता को गुमराह कर रही है। हुड्डा ने कहा कि महिला आरक्षण बिल 2023 में ही पास हो चुका था। लोकसभा में 20 सितंबर 2023 को 454 वोटों से पास हुआ था। भाजपाई अगर इतने महिला हितैषी होते तो 2023 में ही इसे लागू कर देते। लेकिन उन्होंने डिलिमिटेशन को जोड़कर बिल को उलझाने की कोशिश की। हाल ही में जो संशोधन बिल गिरा है, वह महिला आरक्षण बिल नहीं है, वह केवल परिसीमन संबंधी संशोधन था, जिसमें सरकार देश के इलेक्टोरल मैप को अपने हिसाब से बदलना चाहती थी। 2029 के लोकसभा चुनावों की जमीन खिसकती दिख रही है, इसलिए भाजपा ऐसे प्रयास कर रही है।
तमाम मुद्दों की तरह महिलाओं के मुद्दों पर भी जनता को गुमराह कर रही है बीजेपी- हुड्डा
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किसानों की बदहाली पर टिप्पणी करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा की मंडियों में किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मंडियों में अनाज रखने तक की जगह नहीं है, क्योंकि लिफ्टिंग हो ही नहीं रही। यहां तक कि सरकार द्वारा वारदाना तक उपलब्ध नहीं करवाया जा रहा। अबतक 20 प्रतिशत लिफ्टिंग भी नहीं हुई और किसानों को भुगतान में 8-10 दिन की देरी हो रही है। किसान सरकार से दुखी होकर छोटी मंडियों जैसे बेरी, दुबल्धन, महम, सांघी, कलाई आदि में ताले लगाने लगे हैं। छोटी मंडियों की तो बद से बदतर हो गई है।
हुड्डा ने याद दिलाया कि कांग्रेस सरकार के दौरान यही हरियाणा और यही किसान थे, लेकिन कभी मंडियों में ऐसी शिकायत नहीं हुई। अब कभी नमी का, कभी डिस्कलर का, कभी रेजिस्ट्रेशन का बहाना बनाया जा रहा है, ताकि एमएसपी ना देनी पड़े। लेकिन किसानों की क्षतिपूर्ति और मुआवजे की बात तक नहीं कर रही। कुछ दिन पहले हुई बेमौसमी बारिश के समय कृषि मंत्री ने हास्यास्पद बात बोलते हुए कहा था कि बारिश से किसानों को फायदा हो रहा है। जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति को ऐसी गैरजिम्मेदाराना बात नहीं कहनी चाहिए। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बताया कि उन्होंने स्वयं हरियाणाभर की मंडियों का दौरा किया, किसानों से बात की और कोई भी किसान सरकार की वर्तमान नीतियों से फायदा होने की बात नहीं कर रहा।
HKRN कर्मचारियों पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि 2014 में हमने अस्थाई कर्मचारियों को स्थाई बनाने का प्रस्ताव पास किया था। लेकिन भाजपा सरकार ने इसे 12 साल तक उलझाए रखा। अब सुप्रीम कोर्ट ने भी हमारी नीति के पक्ष में फैसला दिया है। हम शुरू से कह रहे थे कि कांग्रेस की नीति अपनाकर कर्मचारियों को लाभ दो, लेकिन बीजेपी ने कर्मचारी विरोधी रवैया अपना रखा।
जहां कांग्रेस ने हजारों कच्चे कर्मियों को पक्का करके उनके परिवारों को समृद्ध किया, वहीं बीजेपी सरकार तो खुद के लगाए HKRN कर्मचारियों को भी लगातार निकालने में लगी है। भर्तियां निकाली नहीं जा रही और अगर निकलती हैं तो बड़ी नौकरियों में 90 प्रतिशत परीक्षाएं बाहर के लोगों को दी जा रही हैं। अन्य सवालों के जवाब में हुड्डा ने कहा कि जेजेपी और इनेलो भाजपा की बी-टीम हैं और वो भाजपा कहने पर ही सब काम करती हैं।
कॉर्पोरेशन चुनाव के बारे में बताया कि कांग्रेस पार्टी चुनाव चिन्ह (हाथ) पर लड़ेगी। मेयर चुनाव के लिए आज दोपहर 3 बजे बैठक में फैसला लिया जाएगा।
हुड्डा ने पार्टी अनुशासन पर दिशानिर्देश देते हुए कहा कि सभी कार्यकर्ताओं को पार्टी अनुशासन में रहना चाहिए। क्रॉस वोटिंग करने वालों पर कार्रवाई हुई। क्योंकि उन्होंने सिर्फ पार्टी को नहीं, बल्कि उन लोगों को भी धोखा दिया, जिन्होंने उन्हें विधायक चुना था। ऐसे लोगों को इस्तीफा देकर चुनाव लड़ना चाहिए। प्रेस वार्ता में विधायक बी बी बत्रा, पूर्व मंत्री आनंद सिंह दांगी, सुभाष बत्रा, संत कुमार, चक्रवर्ती शर्मा, शहरी प्रधान कुलदीप केडी और बलवान रंगा भी मौजूद रहे।