चंडीगढ़, 16 अप्रैल। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीएफएमएस पोर्टल पर लंबित सभी फाइलों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित किया जाए। किसी भी प्रकार की देरी प्रशासनिक कार्यों को प्रभावित करती है, इसलिए फाइलों को समयबद्ध तरीके से निपटाना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। लंबित फाइलों का निपटारा अधिकतम 15 दिनों के भीतर पोर्टल के माध्यम से किया जाए।
ई-ऑफिस के उपयोग और जवाबदेही तय हो
मुख्यमंत्री गुरुवार को सिविल सचिवालय में ह्यूमैन रिसोर्स मॉड्यूल की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभाग अपने-अपने स्तर पर सीएफएमएस में लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा करें और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करें।
उन्होंने कहा कि पोर्टल पर फाइलों को समय-समय पर अपडेट करना भी उतना ही आवश्यक है, ताकि कार्यों की पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस के पूर्ण क्रियान्वयन से न केवल कार्यों में तेजी आएगी, बल्कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और दक्षता भी बढ़ेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर महीने इसकी नियमित समीक्षा की जाए और वे स्वयं भी इसकी मॉनिटरिंग करेंगे।
मुख्यमंत्री ने एचआरएमएस के अंतर्गत मौजूद सभी 18 मॉड्यूल्स को विभागवार अपनाने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे मानव संसाधन प्रबंधन में एकरूपता और सुगमता आएगी। उन्होंने एचआरएमएस 2.0 के विकास की प्रगति, संबंधित अधिनियम की अधिसूचना की स्थिति और इसके क्रियान्वयन की समय-सीमा की भी समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फाइलों का समय पर निपटारा सुनिश्चित करना आवश्यक है, ताकि प्रदेश के विकास कार्य निर्बाध रूप से चलते रहें और जनता को बेहतर सेवाएं मिलती रहें।