गुडग़ांव। पूर्व सांसद एवं गुडग़ांव लोकसभा से कांग्रेस के प्रत्याशी रहे राज बब्बर ने कहा कि बाबा साहेब डा. भीम राव अंबेडकर जी ने हमें जो संविधान दिया, वह सिर्फ एक दस्तावेज नहीं बल्कि उनका सदियों का दर्द है। उस दर्द को बाबा साहेब ने संविधान में उतारा और दलितों, वंचितों को समान अधिकार देने का काम किया। ऐसी महान हस्ती को हम सदैव नमन करते हैं। यह बात उन्होंने मंगलवार को बतौर मुख्य अतिथि कमान सराय स्थित कांग्रेस कार्यालय में बाबा साहेब डा. भीम राव अंबेडकर जी की जयंती पर उन्हें नमन करके अपने संबोधन में कही। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष पंकज डावर ने कही। इस अवसर पर पार्टी के पुराने एवं बुजुर्ग कार्यकर्ताओं (सिपाहियों) शुभराम, स्नेहलता हुड्डा, आशा शर्मा को शॉल ओढ़ाकर व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
बाबा साहेब ने खुद्दारी से जीवन जीने का रास्ता बनाया: राज बब्बर
गुडग़ांव कांग्रेस कार्यालय में डा. बीआर अंबेडकर जयंती पर पहुंचे पूर्व सांसद
कांग्रेस के पुराने कार्यकर्ताओं (सिपाहियों) को भी किया सम्मानित
पूर्व सांसद राज बब्बर ने कहा कि बाबा साहेब ने संविधान की रचना करके आजाद भारत में सबको सम्मान दिया। उन्होंने कहा कि हमें बाबा साहेब को मानते हुए सिर्फ उनके चित्र पर मालाएं नहीं चढ़ानी, उनके दिखाए रास्ते पर भी चलना है। बाबा साहेब की शिक्षा को भी मानना है। अगर हम उनकी शिक्षाओं को नहीं मानते हैं तो हम संगठित नहीं हो सकते। संघर्ष नहीं कर सकते और उनके सिपाही नहीं बन सकते। हमें शोषित होने से भी कोई नहीं बचा सकता। हम उनके अनुयायी हैं तो उनके सिपाही भी बनना है। उन्होंने कहा कि अपने क्षेत्र के चौक-चौराहों पर बाबा साहेब की प्रतिमा को देखकर भी प्रेरणा लेना। उस प्रतिमा से यह संदेश लेना कि उनकी बगल में संविधान की किताब है, जो शिक्षित होने का संदेश देती है। वे एक हाथ से राह दिखाते हैं कि हर कोई शिक्षित हो। राज बब्बर ने कहा कि बाबा साहेब ने वह समय देखा जब उन्हें कुओं से पानी पीने का अधिकार नहीं था। इसके लिए उन्होंने महाड़ सत्याग्रह किया। उन्हें सिर्फ पीने के लिए पानी की जरूरत नहीं थी बल्कि उन्होंने आने वाली पीढिय़ों के लिए यह सब किया। गांधी जी ने नमक सत्याग्रह किया था। उन्हें नमक की कमी नहीं थी। उन्होंने नमक सत्याग्रह इसलिए किया कि पत्थर जैसे नमक को गरीब नहीं खा सकता। इन महापुरुषों, अवतारों के जीवन से हमें शिक्षा लेनी चाहिए। हमें जात-पात बिरादरी नहीं देखनी, एकजुटता के लिए काम करना है। बाबा साहेब ने खुद्दारी से जीने का रास्ता बनाया। राज बब्बर ने कहा कि उनका भी यही प्रयास रहता है कि उसूलों पर ही चलूं।
कांग्रेस के जिला अध्यक्ष (शहरी) पंकज डावर ने बाबा साहेब को नमन करते हुए कहा कि बाबा साहेब ने आज के दिन हमें शिक्षित रहने, संगठित रहने और संघर्ष करने का संदेश दिया। हम खुद को अपने बच्चों को शिक्षित कर लेते हैं तो देश आगे बढ़ेगा। समाज में हम सम्मान और मजबूती के साथ रह पाएंगें। उन्होंने कहा कि हम सब संगठित होंगें तो शोषण करने वाली सरकार से टक्कर ले सकेेंगें। आज सरकार में दलितों के साथ भेदभाव व अत्याचार हो रहे हैं। गुडग़ांव में गरीबों को आवास देने की बजाय उजाडऩे का काम सरकार कर रही है। षडयंत्र करके घर तोड़े जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि संकट के समय गरीब का खून भी अमीरों का जीवन बचाता है। तब उस खून को इस नजर से नहीं देखा जाता कि वह किसका है। सरकार पक्षपात की नजर से काम कर रही है। हम सब एकजुट होकर सरकार की गरीब, दलित विरोधी नीतियों का खुलकर विरोध करते रहे हैं और करते रहेंगें।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री सुखबीर कटारिया, पूर्व मेयर प्रत्याशी सीमा पाहुजा, सीमा हुड्डा, कुलदीप गुज्जर, प्रदीप जेलदार, जसविंदर बीसला, संतोख सिंह, राहुल नंबरदार, विकास हुड्डा, राजेश यादव बादशाहपुर, मुकेश डागर, मुकेश पवन चौधरी, दीपक दहिया, राजकुमार अध्यक्ष एससी सैल, सुशील सहरावत, भजन लाल यादव, निर्मल यादव, रेखा दहिया, एडवोकेट अरुण शर्मा, शाम लाल बामनिया, राजीव यादव, हरकेश वाल्मीकि, कार्तिक गहलोत अमन प्रजापति, मास्टर महेंद्र सेन, सुल्तान वाल्मीकि, पप्पी जिंदल, शेखर गुज्जर, पंकज मेहंदीरत्ता, मुकेश डागर, सुनीता तोमर, सुनीता गाबा, अमित कोचर, ओमप्रकाश पांचाल, भोले गुज्जर, कार्तिक गहलोत, अमित कोचर, दिनेश शर्मा, शहजाद खान, हुकुम चंद, मनोज आहुजा, सतीश सांगवान, एडवोकेट परमजीत कटारिया, कृष्ण वाल्मीकि, ज्योति वर्मा, लव राजपाल समेत अनेक पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।