रोहतक। कलानौर खंड के गांव खैरड़ी में डा. भीम राव अंबेडकर, दीनबंधु सर छोटू राम सद्भावना स्थल पर लगी बाबा साहेब डा. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा तोड़े जाने पर लोगों में रोष है। इस रोष में ग्रामीणों ने सद्भावना स्थल पर धरना शुरू कर दिया है। गांव के वरिष्ठ नागरिक ओमप्रकाश आलडिय़ा की अध्यक्षता में यह धरना दिया जा रहा है। पूर्व ब्लॉक समिति चेयरपर्सन शीला देवी, सुरेंद्र आलडिय़ा चेयरमैन, बलजीत आलडिय़ा, मनोज, रामेश्वर डोकवाल, सोनू पिलाना जिला पार्षद वार्ड-14 समेत अनेक लोगों ने इस कार्य की निंदा की है।
-गांव में चल रहे धरने पर बैठी महिलाओं ने कही यह बात
-दीनबंधु सर छोटू राम की प्रतिमा के साथ में लगी थी बाबा साहेब की प्रतिमा
-ग्रामीणों ने प्रतिमा लगाई, अनावरण से पहले आरोपियों को गिरफ्तारी करने की मांग
धरने पर एक महिलाओं ने कहा कि प्रशासन ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए रविवार तक का समय दिया था। रविवार बीत रहा है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने हाथ उठाकर एकजुटता दिखाते हुए कहा कि अगर जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो वे जहर खाएंगीं। संत शिरोमणि गुरु रविदास समिति खैरड़ी प्रदीप आलडिय़ा ने कहा कि इस तरह से प्रतिमाएं खंडित करके समाज में विरोध की भावना पैदा करने का प्रयास शरारती तत्वों ने किया। जिस सद्भावना से गांव रह रहा है, उसे खत्म नहीं होने दिया जाएगा।
गांव में दलित समाज से पीएचडी धारक युवा डा. ब्रिजेश ने कहा कि इस तरह का कार्य करके ना तो बाबा साहेब को किसी के दिल से निकाला जा सकता है और ना ही उनके विचारों को खत्म किया जा सकता है। यह व्यक्तिगत खीझ मिटाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन गांव की भावना का सम्मान करते हुए इस कृत्य के दोषियों को जल्द गिरफ्तार करे, ताकि गांव से तनाव खत्म हो।
धरने पर बोलते हुए छात्र संगठन एसएफआई हरियाणा के उपाध्यक्ष अमित पूनिया ने कहा कि पहले लाहली गांव में भी बाबा साहेब की प्रतिमा तोड़ी गई। यह डर क्यों है। डर इसलिए है कि बाबा साहेब ने समानता, एकता की बात की। समाज में ऐसे लोग भी हैं जो समानता के खिलाफ हैं। यह सिर्फ मूर्ति तोडऩे का संबंध नहीं, यह उनके विचारों को खत्म करने का प्रयास है, जिसमें सफल नहीं हो पाएंगें।