*चंडीगढ़, 7 अप्रैल:* हरियाणा पुलिस के ‘अभेद्य’ ऐप को लेकर आमजन में तेजी से विश्वास बढ़ रहा है। 6 अप्रैल 2026 तक राज्यभर में कुल 230 लोगों द्वारा इस ऐप को डाउनलोड किया जा चुका है, जो हरियाणा पुलिस की इस अनूठी पहल की स्वीकार्यता को दर्शाता है। हरियाणा पुलिस का ‘अभेद्य’ ऐप अंतरराष्ट्रीय नंबरों से आने वाले धमकी भरे कॉल पर प्रभावी नियंत्रण का एक मजबूत तकनीकी माध्यम बनकर उभरा है। यह ऐप संदिग्ध अंतरराष्ट्रीय नंबरों से आने वाले वॉयस कॉल्स, मैसेज , फोटो , वीडियो और वॉयस नोट को तुरंत ब्लॉक कर देता है और यूजर के पास किसी प्रकार की धमकी को पहुंचने से पहले ही डिलीट कर देता है, जिससे अपराधियों को स्थानीय नंबरों का सहारा लेना पड़ता है और पुलिस के लिए उनकी ट्रैकिंग आसान हो जाती है। इसके परिणामस्वरूप न केवल अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी में तेजी आई है, बल्कि आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना भी बढ़ी है।
- *एक्सटॉरशन कॉल्स पर रोक, जनता में बढ़ा भरोसा: ‘अभेद्य’ ऐप से सुरक्षित हो रहा हरियाणा*
*डीजीपी अजय सिंघल बोले: ‘अभेद्य’ ऐप से देशभर में बना नया मानक, अन्य राज्य भी अपना रहे मॉडल*
हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने कहा कि ‘अभेद्य’ ऐप की उल्लेखनीय सफलता ने पूरे देश में एक नई दिशा और मानक स्थापित किया है। उन्होंने बताया कि हरियाणा पुलिस द्वारा विकसित इस तकनीकी पहल को देखते हुए देश के कई राज्य अब इसी मॉडल को अपनाने और अपने स्तर पर ऐसे सिस्टम विकसित करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। डीजीपी ने कहा कि ‘अभेद्य’ ऐप को लेकर हरियाणा पुलिस को देशभर से लगातार सराहना और सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है, जो इसकी प्रभावशीलता और उपयोगिता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस ऐप के माध्यम से अन्तर्राष्ट्रीय नंबरो का प्रयोग कर रंगदारी संबंधी मामलो में कमी आई है, जिससे आमजन में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है। उन्होंने बताया कि इसके साथ साथ ठगी के लिए गैंग के नाम पर अंतर्राष्ट्रीय नंबरों से कॉल करने वाले अपराधियों पर भी प्रभावी नियंत्रण हुआ है उनके द्वारा किये जा रहे फर्जी कॉल अब तुरंत ब्लॉक हो रहे है। उन्होंने विश्वास जताया कि हरियाणा पुलिस भविष्य में भी आधुनिक तकनीक और नवाचार के माध्यम से कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाएगी तथा अन्य राज्यों के लिए एक रोल मॉडल के रूप में अपनी भूमिका निभाती रहेगी।
*जींद व कैथल में ‘अभेद्य ऐप’ के प्रति उत्साह , जनता का बढ़ा विश्वास*
हरियाणा पुलिस के ‘अभेद्य ऐप’ का जिला जींद व कैथल में सबसे अधिक सकारात्मक प्रभाव दिख रहा है। यहाँ अब तक क्रमश: 26 व 22 लोगों ने ऐप डाउनलोड किया है। उपयोगकर्ताओं ने बताया कि अब व्हाट्सएप कॉल व मैसेज के जरिए डराने का भय कम हुआ है और यह पुलिस की सराहनीय पहल है और अब हम रात को आराम से सो पाते है। उन्होंने बताया कि "अब ये डर खत्म हो गया है कि कोई व्हाट्सएप कॉल या मैसेज के जरिए हमें डरा सकता है, पुलिस विभाग की ये अच्छी पहल है।
*झज्जर व पानीपत में भी ‘अभेद्य ऐप’ से बढ़ा भरोसा, अब धमकी भरे कॉल का डर नहीं*
इसी प्रकार की प्रतिक्रिया झज्जर व पानीपत जिलो से भी प्राप्त हुई। यहाँ झज्जर में अब तक 19 व पानीपत में 14 लोगों ने ऐप डाउनलोड किया है। उपयोगकर्ताओं ने बताया कि '' अब धमकी भरे कॉल का डर ख़त्म हो गया है और अब हम अपने काम और व्यापार पर पूरा ध्यान दे पा रहे हैं । उन्होंने हरियाणा पुलिस की इस पहल की सराहना की है।
*भिवानी में ‘अभेद्य ऐप’ से बढ़ी सुरक्षा की भावना*
भिवानी में अब तक 9 लोगों ने ऐप डाउनलोड किया है। खरक कलां निवासी दिलेर ने बताया कि ऐप इंस्टॉल करने के बाद उन्हें धमकी भरी कोई अंतरराष्ट्रीय कॉल नहीं आई और वे खुद को अधिक सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। वहीं, लोहारू निवासी वीरेंद्र ने भी कहा कि धमकी भरे अनचाहे कॉल व मैसेज बंद हो गए हैं और अब उनके जीवन में सुकून है ।
*हांसी और रोहतक में भी ‘अभेद्य ऐप’ से राहत, अंतरराष्ट्रीय कॉल पर लगी रोक*
हरियाणा पुलिस के ‘अभेद्य ऐप’ को जिला हांसी में अब तक 5 लोगों ने डाउनलोड किया है। उपयोगकर्ताओं ने बताया कि अब उन्हें डराने धमकाने वाले अंतरराष्ट्रीय WhatsApp कॉल नहीं आ रहे हैं और वे खुद को अधिक सुरक्षित व तनावमुक्त महसूस कर रहे हैं। जिला रोहतक में अब तक 7 लोगों ने ऐप डाउनलोड किया है। उपयोगकर्ताओं के अनुसार, ऐप के इस्तेमाल से न केवल धमकी भरे अनचाहे कॉल में कमी आई है, बल्कि साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है।
*कैसे काम करता है अभेद्य ऐप*
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक शिवास कबिराज ने बताया कि अभेद्य हरियाणा पुलिस द्वारा विकसित एक मोबाइल-आधारित नागरिक सुरक्षा प्रणाली है, जिसका उद्देश्य संदिग्ध डिजिटल खतरों को उपयोगकर्ता तक पहुँचने से पहले रोकना है। यह ऐप अज्ञात अंतरराष्ट्रीय नंबरों, वर्चुअल नंबरों और सेव न किए गए संदिग्ध संपर्कों की पहचान करता है। यह संदिग्ध कॉल्स को ब्लॉक करता है तथा चैट, वॉइस नोट, वीडियो और इमेज जैसी सामग्री को उपयोगकर्ता तक पहुँचने से पहले हटा देता है। यह उपयोगकर्ता स्तर पर धमकी भरी कॉल, जबरन वसूली, पीछा करना (स्टॉकिंग) और साइबर धोखाधड़ी जैसी समस्याओं को रोकने में सहायक है। इसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों को डर, दबाव और डिजिटल उत्पीड़न से सुरक्षित रखना है।