चंडीगढ़, 2 अप्रैल, - हरियाणा ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में सकल राज्य जीएसटी (पोस्ट-सेटलमेंट) राजस्व की वृद्धि दर के आधार पर देश के सभी राज्यों में पहला स्थान प्राप्त किया है । पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में इस वित्तीय वर्ष में 22 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज की गई है, जबकि वित्तीय वर्ष 2025-26 में एसजीएसटी राजस्व में राष्ट्रीय औसत वृद्धि दर 6 प्रतिशत ही है। इस उल्लेखनीय प्रदर्शन ने हरियाणा को भारत के सभी राज्यों में एसजीएसटी राजस्व वृद्धि में एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित किया है। हरियाणा का सकल एसजीएसटी संग्रह (पोस्ट-सेटलमेंट) वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 48,289 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष के संग्रह से 8,546 करोड़ रुपये अधिक है।तेलंगाना, पश्चिम बंगाल और राजस्थान जैसे राज्यों को पीछे छोड़ते हुए, सकल एसजीएसटी (पोस्ट-सेटलमेंट) संग्रह के मामले में, हरियाणा वित्तीय वर्ष 2025-26 में देश में 6वें स्थान पर पहुंच गया है, जो वित्तीय वर्ष 2024-25 में 9वें स्थान पर था।
पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में करदाता आधार में 12% की हुई वृद्धि
विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि 1 अप्रैल 2026 को हरियाणा में 6,30,818 पंजीकृत करदाता हैं। पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में करदाता आधार में 12% की वृद्धि हुई है। जीएसटी के लागू होने के बाद के वर्षों में करदाताओं की संख्या में स्थिर वृद्धि दिखाई दी है।
सितंबर 2025 में जीएसटी परिषद द्वारा जीएसटी दरों में सुधारों के बाद, हरियाणा राज्य एसजीएसटी संग्रह में प्रशंसनीय वृद्धि दिखा रहा है, जो राज्य की उभरती अर्थव्यवस्था और डेटा विश्लेषण संचालित कर प्रशासन को दर्शाता है। मुख्यमंत्री हरियाणा नायब सिंह ने पुनः जीएसटी दर सुधारों का स्वागत किया और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को इन प्रतीक्षित सुधारों के लिए धन्यवाद दिया। इन प्रमुख जीएसटी सुधारों को राज्य के सभी जिलों में जीएसटी बचत उत्सव के रूप में मनाया गया। मुख्यमंत्री ने कर भुगतान करके राज्य के विकास में योगदान देने वाले करदाताओं का आभार व्यक्त किया।