गुडग़ांव। कांग्रेस के जिला अध्यक्ष (शहरी) पंकज डावर ने कहा कि गुडग़ांव की जनता ने तो टैक्स के रूप में नगर निगम को 350 करोड़ रुपये और पानी के बिलों के रूप में 56 करोड़ रुपये दे दिए हैं। बदले में नगर निगम जनता को गंदगी और टूटी सडक़ें ही दे पाया है। टैक्स वसूली के लिए कभी सीलिंग की धमकी तो कभी किसी तरह से लोगों को निगम परेशान करता रहा है, लेकिन जनता को सुविधाएं देने के लिए नगर निगम के अधिकारियों ने कभी परेशानी नहीं उठाई। एसी कमरों में बैठकर बैठक-बैठक ही खेलते रहते हैं। धरातल पर कामों के लिए आज भी जनता तरस ही रही है।
-वित्त वर्ष 2025-26 में नगर निगम गुरुग्राम को टैक्स देकर जनता ने किया मालामाल -केवल पानी के नाम पर ही जनता ने जमा कराए 56 करोड़ रुपये
पंकज डावर ने कहा कि सालभर टूटी सडक़ों से लोग परेशान रहे। कदम-कदम पर गंदगी से उठती बदबू से लोग परेशान रहे। कहीं पाइपलाइन लीकेज तो कहीं सडक़ों का धंसना जारी रहा। कहीं बरसात से हुए जलभराव में लोग डूबकर मरे तो कहीं करंट से लोगों को जान गंवानी पड़ी। नगर निगम गुडग़ांव को यह सब समस्याएं कभी समस्याएं लगी ही नहीं। दिखावे के लिए अधिकारी कभी-कभी एसी कमरों से बाहर निकलकर मौका मुआयना करने का नाटक करते रहे। सुधार की दिशा में काम नहीं हुए। उन्होंने कहा कि हर दिन नगर निगम को जनता अपनी गाढी कमाई से टैक्स देती रहती है, इसके बाद भी गुडग़ांव नगर निगम के क्षेत्र में बरसाती नाले, नालियां, सीवरेज बदहाल हैं। कभी इनकी सफाई नहीं हो पाती। बरसाती नाले आज गंदगी से अटे पड़े हैं। शहर के वार्डों में बहुत ही बुरा हाल है। पंकज डावर ने कहा कि लोगों ने उन्हें मौके पर बुलाकर अपने घरों के आगे समस्याएं दिखाई। यह ट्रिपल इंजन की सरकार की फेलियर है कि लोग विपक्ष को बुलाकर अपनी समस्याएं बता रहे हैं। इसका मतलब साफ है कि सरकार और प्रशासन ने उनका विश्वास खत्म हो चुकी है। उन्हें कोई उम्मीद नहीं रही। ऐसी स्थिति में जनता के बीच से विरोध की बड़ी चिंगारी उठनी लाजिमी है। जनता का यह विरोध सरकार को आने वाले समय में जड़ से उखाड़ फेंकेगा।
पंकज डावर ने कहा कि इतना टैक्स वसूली करने के भी गुडग़ांव नगर निगम आखिर क्यों नहीं जनता ही हर समस्या को दूर कर देता। कहने को तो यहां पर देशभर के मेयरों का सम्मेलन कराकर उनके शहरों का अनुसरण करने के दावे किए जाते हैं, मगर किसी भी शहर की एक भी अच्छी बात, अच्छे काम को यहां अपनाया नहीं गया। करोड़ों रुपये सम्मेलन पर खर्च कर दिए। उन्होंने कहा कि प्रॉपर्टी टैक्स और पानी के बिलों की राशि 400 करोड़ से ज्यादा हो गई है, जो नगर निगम के खाते में जमा हुई है। भ्रष्टाचार ना हो तो इतनी राशि में गुडग़ांव की एक-एक समस्या को दूर करके चमकाया जा सकता है। यहां पर पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ तक नहीं है। थोड़ा बहुत काम जो नजर आता है, वह निजी कंपनियों द्वारा चौक-चौराहों को गोद लेकर अपने सीएसआर फंड से किया गया है। इसमें नगर निगम का कोई रोल नहीं है।
पंकज डावर ने मॉनसून को लेकर अधिकारियों द्वारा की जा रही बैठक पर तंज कसते हुए कहा कि फिर से बैठकों का ड्रामा शुरू हो गया है। फिर से बरसात आए, फिर से गुडग़ांव डूबेगा, फिर से लोग बेमौत मरेंगें और नेता, मंत्री, अधिकारी भविष्य में जलभराव नहीं होने देने के दावे करेंगें। दावों का यह खेल वर्षों से चला आ रहा है। सरकार ने किसी अधिकारी से कभी यह नहीं पूछा कि करोड़ों रुपये खर्च करके भी आखिर जलभराव क्यों हो रही है।