चण्डीगढ, 1 अप्रैल- आर्थिक एवं सांख्यिकीय कार्य विभाग हरियाणा के निदेशक मनोज कुमार गोयल ने कहा कि अधिकारियों की व्यवसायिक क्षमताओं, प्रशासनिक दक्षता और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए समय समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना चाहिए ताकि शासन में आंकड़ों और प्रौद्योगिकी का बेहतर उपयोग किया जा सकें।
निदेशक मनोज कुमार गोयल आर्थिक एवं सांख्यिकीय कार्य विभाग द्वारा सांख्यिकीय सुदृढ़िकरण सहायता उप-योजना के अन्तर्गत क्षमता विकास एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे। लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह, सैक्टर-1, पंचकूला में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में आर्थिक एवं सांख्यिकीय कार्य विभाग के 30 से अधिक अधिकारियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य विषय आंकड़ों पर आधारित और प्रभावी शासन के लिए मानव संसाधनों को सुदृढ़ बनाना रहा।
आंकड़ों पर आधारित और प्रभावी शासन के लिए मानव संसाधनों को सुदृढ़ बनाना रहा मुख्य ध्येय
वित्त एवं योजना विभाग के विशेष सचिव डॉ० जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य सॉफ्ट स्किल्स डेवलपमेंट लीडरशिप क्वालिटी, कम्युनिकेशन स्किल्स और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट के विषय पर सरकारी विभागों में नीति निर्माण, निगरानी और निर्णय लेने की प्रक्रिया में डेटा एनालिटिक्स के प्रभावी उपयोग और ए०आई० का जिम्मेदारी पूर्ण उपयोग पर करना है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण में नेतृत्व क्षमता, प्रभावी संचार और भावनात्मक बुद्धिमत्ता के विषय पर ध्यान केंद्रित किया गया, जो अधिकारियों के लिए कुशल सार्वजनिक सेवा वितरण और व्यावसायिक विकास के लिए आवश्यक है। सरकारी कर्मचारियों से सम्बन्धित महत्वपूर्ण सेवा नियमों, प्रक्रियाओं और प्रशासनिक प्रथाओं का संक्षिप्त विवरण भी प्रशिक्षण में प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में ज्ञान सांझा करने और क्षमता निर्माण के लिए एक उपयोगी मंच मिला, जिससे अधिक प्रभावी और डेटा आधारित शासन के लिए मानव संसाधनों को मजबूत करने में योगदान मिलेगा। इसके अलावा प्रतिभागियों को सेवा सम्बन्धी मामलों और दैनिक प्रशासनिक कार्यों में उनके व्यवहारिक अनुप्रयोग को समझने में भी सहायता मिली। प्रशिक्षण में डिजिटल सहायक त्वरित प्रशासन के लिए जनरेटिव ए०आई० का उपयोग शीर्षक से एक तकनीकी सत्र संचालित किया गया। सत्र में प्रतिभागियों को प्रशासनिक कार्यों में जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटैलिजेंस उपकरणों के उपयोग से अवगत करवाया गया।