रोहतक, 28 मार्च। सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने आज कहा कि महम में उनके द्वारा मंजूर कराया गए इंटरनेशनल एयरपोर्ट का आज उत्तर प्रदेश के जेवर में उद्घाटन हुआ है। अगर महम में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनता तो इससे लाखों लोगों को रोजगार मिलता और पूरे राज्य का विकास होता। उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा कि महम इंटरनेशनल एयरपोर्ट और रेल कोच फैक्ट्री के साथ ही लाखों रोजगार भी हरियाणा से चले गये। हरियाणा से एक एक कर सारे प्रोजेक्ट दूसरे प्रदेशों में जाते रहे और बीजेपी सरकार विरोध तक न कर सकी। वे, 2014 से लगातार संसद समेत हर फोरम पर मंजूरशुदा महम इंटरनेशनल एयरपोर्ट को हर हाल में हरियाणा में ही स्थापित करने के लिए संघर्ष करते रहे लेकिन प्रदेश में कमजोर बीजेपी सरकार और केंद्र में राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से काम कर रही बीजेपी सरकार के चलते हरियाणा को उसका हक नहीं मिल सका। प्रदेश की बीजेपी सरकार की चुप्पी के कारण प्रदेश को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। अगर भाजपा सरकार इन बड़ी परियोजनाओं को हरियाणा से न ले जाती तो आज प्रदेश में इतनी भीषण बेरोजगारी न होती।
महम इंटरनेशनल एयरपोर्ट और रेल कोच फैक्ट्री के साथ ही लाखों रोजगार भी हरियाणा से चले गये – दीपेन्द्र हुड्डा हाल में संसद में पूछे गए सवाल के जवाब से पता चला कि बाढ़सा का मंजूरशुदा IIT भी बीजेपी सरकार उठा ले गई– दीपेन्द्र हुड्डा हरियाणा से एक एक कर सारे प्रोजेक्ट दूसरे प्रदेशों में जाते रहे और बीजेपी सरकार विरोध तक न कर सकी - दीपेन्द्र हुड्डा
उन्होंने बताया कि संसद के इसी सत्र में उनके सवाल के जवाब से पता चला कि झज्जर (बाढ़सा) का मंजूरशुदा IIT भी इंटरनेशनल एयरपोर्ट, बाढ़सा एम्स के 10 मंजूरशुदा संस्थानों की तरह बीजेपी सरकार ने गायब कर दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार युवाओं के हितों पर लगातार कुठाराघात कर रही है। उसने केवल बाढ़सा में प्रस्तावित आईआईटी के ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ को ही गायब नहीं किया, बल्कि बाढ़सा एम्स-2 परिसर के बचे हुए 10 मंजूरशुदा संस्थान, रेल कोच फैक्ट्री, महम अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा, गुरुग्राम का रक्षा विश्वविद्यालय आदि भी दूसरे प्रदेशों में भेज दिया।