चंडीगढ़। हरियाणा में बढ़ते वित्तीय गड़बड़ियों के मामलों के बीच शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए सरकारी स्कूलों के बैंक खातों और फिक्स्ड डिपॉजिट का पूरा ब्योरा तलब कर लिया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी आदेश में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और खंड शिक्षा अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र के स्कूलों की वित्तीय जानकारी निर्धारित प्रारूप में तुरंत उपलब्ध करवाएं।
स्कूलों से एफडी और बैंक खातों की जानकारी तलब शिक्षा विभाग ने डीईओ-बीईओ को डाटा जारी करने के दिए निर्देश, गलत रिपोर्ट देने पर गिरेगी गाज
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में छात्रावृत्ति और वजीफों पर हो फर्जीवाड़े को लेकर शिक्षा विभाग ने स्कूलों के बैंक खातों व एफडी से संबंधित रिकार्ड मांगा है। खास बात यह है कि अवकाश के दिन भी स्कूल स्टाफ को बुलाकर यह रिपोर्ट तैयार करवाई जा रही है। विभाग की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि भेजी गई जानकारी पूरी तरह सत्य और प्रमाणित हो, अन्यथा लापरवाही मानते हुए कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
निदेशक सेकेंडरी एजुकेशन ने एससीईआरटी निदेशक गुरुग्राम, सभी जिला शिक्षा अधिकारी व सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि फाइनेंस विभाग की गाइड लाइन अनुसार बैंक खाते खोलने व एफडी की डिटेल उपलब्ध करवाई जाए। 26 मार्च को रामनवमी की छुट्टी होने के बावजूद भी स्कूलों में शिक्षकों ने दिनभर मुख्यालय के निर्देशानुसार खातों का रिकार्ड तैयार किया। विभाग के द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि हर अधिकारी को अपने स्तर पर अंडरटेकिंग देनी होगी कि जो जानकारी उनके द्वारा भेजी गई है, वो बिल्कुल सही है।
विभाग ने 10 बिंदुओं पर मांगी है जानकारी
शिक्षा विभाग की ओर से 10 बिंदुओं पर जानकारी तलब की गई है। इनमें विभाग का नाम, बोर्ड, बैंक का नाम ब्रांच सहित, एफडी का अकाउंट नंबर, एफडी के खोलने की तारीख, एफडी मैच्योर होने की तारीख, एफडी पर मिलने वाले ब्याज की दर, कॉलेबल डिपॉजिट या नॉन कॉलेल डिपॉजिट, टाइम पीरियड विद बैलेंस तथा इसके अलावा विभागाध्यक्ष कोई टिप्पणी करना चाहता है, तो वह भी कर सकता है।