चंडीगढ़। हरियाणा में बढ़ते सड़क हादसों को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गहरी चिंता जताते कहा कि केवल नियम बनाना पर्याप्त नहीं, उनका सख्ती से पालन ही जीवन बचा सकता है। उन्होंने सड़क सुरक्षा को तकनीकी नहीं, बल्कि सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि हर साल दुर्घटनाओं में हजारों परिवार टूटते हैं और अनगिनत सपने अधूरे रह जाते हैं। मुख्यमंत्री शुक्रवार को चंडीगढ़ में भारतीय सड़क कांग्रेस (आई.आर.सी) एवं लोक निर्माण विभाग हरियाणा द्वारा 'सड़क सुरक्षा समाधान' विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे। मुख्यमंत्री ने लोगों से हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने और गति सीमा का पालन करने की अपील करते हुए जागरूकता को सबसे बड़ा हथियार बताया। साथ ही उन्होंने बताया कि राज्य सरकार सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, हाईटेक कैमरों, ई-चालान प्रणाली और ‘संजया ऐप’ जैसी आधुनिक तकनीकों के जरिए हादसों पर लगाम लगाने के लिए लगातार प्रयासरत है, ताकि हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
सीएम बोले : सड़क हादसों पर लगाम के लिए सख्ती, ओवरस्पीड पर लाखों ई-चालान
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की इसी सोच के तहत राज्य सरकार ने हरियाणा में पिछले 11 वर्षों में 28 हजार 651 करोड़ रुपये की लागत से 43 हजार 703 किलोमीटर लंबी सड़कों का सुधार किया है। इसके साथ ही, 2 हजार 534 करोड़ रुपये की लागत से 2 हजार 417 किलोमीटर लंबी नई सड़कों का निर्माण आधुनिक तकनीक से किया गया है। इनके अलावा, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत प्रदेश में 1 हजार 77 करोड़ रुपये की लागत से 2 हजार 432 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण किया जा चुका है। सरकार ने रेलवे ऊपरगामी व भूमिगत पुल बनाकर रेलवे क्रॉसिंग की समस्या से निजात दिलाई है। प्रदेश में कुल 759 रेलवे क्रॉसिंग हैं। इनमें से 592 मानव संचालित तथा 167 स्वचालित हैं। पिछले 11 वर्षों में लगभग 2 हजार करोड़ रुपये की लागत से 97 रेलवे ऊपरगामी व भूमिगत पुलों का निर्माण करवाया है। डबल इंजन सरकार ने हरियाणा में 21 नये राष्ट्रीय राजमार्ग स्वीकृत किए हैं। इनमें से 12 राजमार्ग बन चुके हैं। प्रदेश में पिछले 11 वर्षों में 28 हजार 582 करोड़ रुपये की लागत से 1 हजार 719 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया गया है। इनके बनने के बाद प्रदेश का कोई भी जिला ऐसा नहीं बचा है, जिसकी कनेक्टिविटी राष्ट्रीय राजमार्ग से न हो।
ओवर स्पीड वाहनों के 4 लाख 80 हजार ई-चालान किए गए
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने करनाल के केंद्रीय नियंत्रण कक्ष से राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर कुंडली, सोनीपत से शंभु, अंबाला तक 128 हाईटेक कैमरे लगाए हैं। इसके परिणामस्वरूप पिछले 1 वर्ष में ओवर स्पीड वाहनों के 4 लाख 80 हजार ई-चालान किए गए हैं। सरकार ने आई.आई.टी. मद्रास के सहयोग से 'संजया ऐप' शुरू किया है। यह ऐप सड़क दुर्घटनाओं के प्रबंधन और आंकड़ों का विश्लेषण कर हादसों को कम करने में मदद कर रहा है।