चंडीगढ़, 27 मार्च — हरियाणा के चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने शुक्रवार को राज्य के विभिन्न सरकारी मेडिकल कॉलेजों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित एजेंसियों को समय-सीमा का कड़ाई से पालन करने और लंबित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। डॉ. मिश्रा ने कहा कि राज्य सरकार मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार, एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ाने तथा आम जनता को सुलभ टर्शियरी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। वे चंडीगढ़ में चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निगरानी एवं पर्यवेक्षी समिति (MSMER) की 30वीं बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं।
बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सिविल कार्यों को तय समय-सीमा में पूरा किया जाए, आवश्यक उपकरणों की खरीद सुनिश्चित की जाए तथा फैकल्टी की भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। कैथल और यमुनानगर के सरकारी मेडिकल कॉलेज, जो लगभग 80 प्रतिशत पूर्ण हो चुके हैं, के लिए 30 जून 2026 की समय-सीमा निर्धारित की गई है। डॉ. मिश्रा ने अधिकारियों को बायोमेडिकल उपकरणों और फर्नीचर की खरीद प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने तथा राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग से आवश्यक अनुमतियां प्राप्त करने के निर्देश दिए, ताकि शैक्षणिक सत्र 2027–28 से एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश शुरू किया जा सके। बैठक में बताया गया कि जींद के सरकारी मेडिकल कॉलेज में संशोधित वित्तीय अनुमानों की स्वीकृति लंबित होने के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हुआ है। इस पर अधिकारियों को वित्त विभाग के साथ समन्वय कर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सिरसा के सरकारी मेडिकल कॉलेज, जो वर्तमान में लगभग 35 प्रतिशत पूर्ण है, के लिए 31 मार्च 2027 की समय-सीमा तय की गई है। इसके साथ ही साइट पर पेयजल आपूर्ति और स्टॉर्म वॉटर मैनेजमेंट से संबंधित समस्याओं को भी जल्द हल करने के निर्देश दिए गए। बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि कुटेल (करनाल) स्थित पंडित दीन दयाल उपाध्याय स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय का मुख्य परिसर पूर्ण हो चुका है, जबकि 30.45 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे निजी वार्ड परियोजना का कार्य लगभग 30 प्रतिशत ही पूरा हुआ है। संबंधित एजेंसी को 30 सितंबर 2026 तक कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।