चंडीगढ़, 25 मार्च — हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन और त्रिपुरा सरकार के बीच ऑटो अपील सिस्टम (AAS) के अपनाने और उपयोग को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) हस्ताक्षरित किया गया है। आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि इस समझौते का उद्देश्य सेवा वितरण में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता सुनिश्चित करना है। हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन द्वारा विकसित ऑटो अपील सिस्टम (AAS) एक तकनीक-आधारित प्रणाली है, जो अपीलों के स्वतः एस्केलेशन के माध्यम से नागरिकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने में सहायक है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार के कैबिनेट सचिवालय द्वारा भी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इस प्रणाली को अपनाने की सिफारिश की गई है, ताकि सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा दिया जा सके। इसी क्रम में त्रिपुरा सरकार ने इस प्रणाली को अपनाने में रुचि दिखाई है।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि समझौते के अनुसार, AAS का स्वामित्व पूर्ण रूप से हरियाणा राइट टू सर्विस आयोग के पास रहेगा और त्रिपुरा सरकार को इसका सीमित, गैर-विशिष्ट और गैर-हस्तांतरणीय उपयोग का अधिकार दिया गया है। यह प्रणाली केवल सरकारी और सार्वजनिक सेवा वितरण के उद्देश्यों के लिए ही उपयोग की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रणाली का किसी भी प्रकार का व्यावसायिक उपयोग नहीं किया जा सकेगा और बिना पूर्व अनुमति के किसी तीसरे पक्ष के साथ इसे साझा नहीं किया जाएगा। त्रिपुरा सरकार द्वारा प्रणाली के उपयोग के दौरान हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन को स्रोत के रूप में उचित श्रेय देना अनिवार्य होगा।