चंडीगढ़, 21 मार्च। हरियाणा पुलिस ने साइबर अपराध, धमकी भरे कॉल्स और रंगदारी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए ‘अभेद्य’ नामक मोबाइल ऐप लॉन्च किया है। यह देश का अपनी तरह का पहला मोबाइल आधारित सुरक्षा प्लेटफॉर्म है, जो नागरिकों को संदिग्ध कॉल्स, फर्जी नंबरों, स्टॉकिंग और डिजिटल उत्पीड़न से बचाने में मदद करेगा। इस पहल के साथ हरियाणा ऐसा कदम उठाने वाला पहला राज्य बन गया है। पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने पंचकूला स्थित पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि बदलते समय में अपराधी इंटरनेट कॉलिंग और डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर लोगों को डराने और ठगी करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में यह ऐप नागरिकों के लिए सुरक्षा कवच का काम करेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत इस दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। यह ऐप डॉक्टरों, व्यापारियों, ठेकेदारों सहित आम लोगों को राहत देगा।
उन्होंने बताया कि देश के भीतर से आने वाली कॉल्स को ट्रेस करना आसान होता है, लेकिन विदेशी नंबरों से आने वाली कॉल्स एक बड़ी चुनौती होती हैं। इस समस्या के समाधान के लिए हरियाणा पुलिस के तकनीकी विशेषज्ञों ने इस ऐप को विकसित किया है। इसका परीक्षण 25 उपयोगकर्ताओं पर किया गया, जिसमें यह पूरी तरह सफल रहा। भविष्य में इसमें और सुधार किए जाएंगे। इस ऐप को डाउनलोड करने के लिए इच्छुक व्यक्ति को अपने जिले के पुलिस अधीक्षक से संपर्क कर अधिकृत एक्सेस लेना होगा। यह एंड्रॉयड और एप्पल दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगा। पुलिस के अनुसार, जनवरी और फरवरी 2026 में पिछले वर्ष की तुलना में एक्सटॉर्शन कॉल्स में लगभग 40 प्रतिशत और अपराध में 8 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
‘अभेद्य’ ऐप अज्ञात और संदिग्ध नंबरों से आने वाली कॉल्स और संदेशों की पहचान कर उन्हें पहले ही ब्लॉक कर देता है। यह अंतरराष्ट्रीय, वर्चुअल और अनसेव्ड नंबरों की निगरानी करता है और संदिग्ध पाए जाने पर कॉल को स्वतः रिजेक्ट कर देता है। साथ ही संदिग्ध चैट, वॉयस मैसेज और नोटिफिकेशन को भी हटा देता है, जिससे उपयोगकर्ता मानसिक दबाव से सुरक्षित रहता है। विदेशों से आने वाली संदिग्ध कॉल्स पर भी नजर रखी जाएगी और पुलिस उन्हें ट्रेस करेगी। इसके उन्नत संस्करण ‘अभेद्य-2.0’ में इंटरनेट कॉल्स के साथ-साथ सामान्य कॉल्स पर भी नियंत्रण संभव होगा। इसमें उपयोगकर्ता की पसंद के अनुसार संदिग्ध घरेलू कॉल्स, अंतरराष्ट्रीय कॉल्स और प्राइवेट नंबरों को ब्लॉक किया जा सकेगा, जबकि केवल सेव और सत्यापित नंबरों से ही कॉल की अनुमति होगी।